आपदा में हैम रेडियो अहम: DC अपूर्व देवगन

rakesh nandan

24/03/2026

उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं और अन्य आपात स्थितियों में हैम रेडियो आपदा प्रबंधन की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर सकता है। उन्होंने यह बात जल शक्ति विभाग के राज्य प्रशिक्षण केंद्र, मंडी में आयोजित छह दिवसीय हैम रेडियो प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन प्रतिभागियों से संवाद करते हुए कही। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, मंडी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।

उपायुक्त ने कहा कि आपदा या प्रतिकूल मौसम की स्थिति में अक्सर पारंपरिक संचार नेटवर्क जैसे मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बाधित हो जाती हैं। ऐसे समय में संचार व्यवस्था को बहाल करने में काफी समय लग सकता है, जिससे राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित होते हैं। इस परिस्थिति में हैम रेडियो एक प्रभावी वैकल्पिक संचार माध्यम के रूप में कार्य करता है, जो बिना किसी व्यावसायिक नेटवर्क के भी संदेशों का आदान-प्रदान संभव बनाता है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में संचार तंत्र को मजबूत बनाने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। इसी दिशा में विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं और युवाओं को हैम रेडियो का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में एक मजबूत वैकल्पिक संचार नेटवर्क तैयार किया जा सके।

अपूर्व देवगन ने यह भी कहा कि मंडी जिला भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र है, जहां विशेष रूप से मानसून के दौरान भूस्खलन, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की संभावना बनी रहती है। ऐसे में प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की उपलब्धता बेहद जरूरी है, जो संकट के समय त्वरित और प्रभावी संचार स्थापित कर सकें।

उन्होंने जानकारी दी कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के उपरांत प्रतिभागियों को परीक्षा के माध्यम से प्रमाणित किया जाएगा। सफल प्रतिभागियों को लाइसेंस प्रदान किया जाएगा, जिससे वे आधिकारिक रूप से हैम रेडियो ऑपरेटर बन सकेंगे और आपदा के समय अपनी सेवाएं दे सकेंगे।

उपायुक्त ने यह भी बताया कि राज्य सरकार द्वारा लाइसेंस प्राप्त हैम रेडियो ऑपरेटरों को उपकरण खरीदने के लिए 60 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है। इसके साथ ही लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटरों के क्लब का गठन किया जाता है, जिससे वे नियमित अभ्यास और प्रशिक्षण के माध्यम से अपनी दक्षता बनाए रख सकें।

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय संचार मंत्रालय के सेवानिवृत्त डीडीजी वी.के. आर्य और दिल्ली हैम रेडियो संस्थान की सचिव कुसुम ने प्रतिभागियों को हैम रेडियो के व्यावहारिक उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हालांकि हैम रेडियो सामान्यतः एक शौकिया गतिविधि के रूप में जाना जाता है, लेकिन आपदा की स्थिति में यह एक अत्यंत उपयोगी और विश्वसनीय संचार माध्यम बन जाता है।

वी.के. आर्य ने इस बात पर भी जोर दिया कि स्कूलों और कॉलेजों में भी हैम रेडियो के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि युवा पीढ़ी इस तकनीक को समझ सके और भविष्य में आपदा प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभा सके।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से न केवल तकनीकी ज्ञान प्रदान किया जा रहा है, बल्कि प्रतिभागियों को आपदा के समय जिम्मेदारी और तत्परता के साथ कार्य करने के लिए भी तैयार किया जा रहा है। यह पहल राज्य में आपदा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

अंत में उपायुक्त ने सभी प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे इस प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाएं और भविष्य में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि संकट के समय लोगों की सहायता सुनिश्चित की जा सके।