संदीपनी भारद्वाज ने हिमाचल प्रदेश में हाल ही में हुई ओलावृष्टि से सेब बागवानों को हुए भारी नुकसान को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से शिमला और आसपास के बागवानी क्षेत्रों में ओलावृष्टि के कारण सेब की फसल को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है, लेकिन सरकार अब तक ठोस कदम उठाने में विफल रही है।
🍎 सेब अर्थव्यवस्था की रीढ़
संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सेब उत्पादन केवल एक कृषि गतिविधि नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका का मुख्य आधार है।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब बागवानों को तत्काल सहायता की आवश्यकता है, सरकार की निष्क्रियता बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जब किसान संकट में है, तब सरकार मौन है—यह संवेदनहीनता नहीं तो और क्या है?”
⚠️ फ्लावरिंग स्टेज पर पड़ा असर
भाजपा प्रवक्ता ने बताया कि कई क्षेत्रों में सेब की फसल फ्लावरिंग स्टेज में थी, जिस पर ओलावृष्टि का सीधा प्रभाव पड़ा है।
इससे न केवल वर्तमान फसल को नुकसान हुआ है, बल्कि पूरे सीजन की पैदावार पर भी खतरा मंडरा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस स्थिति में बागवानों को तत्काल राहत और आर्थिक सहायता की आवश्यकता है।
📊 सर्वेक्षण और मुआवजे की मांग
संदीपनी भारद्वाज ने सरकार से मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत विशेष सर्वेक्षण अभियान चलाया जाए, ताकि नुकसान का सही आकलन किया जा सके।
उन्होंने कहा कि इसके आधार पर बागवानों को शीघ्र मुआवजा प्रदान किया जाना चाहिए, जिससे वे अपने नुकसान की भरपाई कर सकें।
🗣️ सरकार पर आरोप
उन्होंने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार केवल घोषणाओं और दिखावे तक सीमित है, जबकि जमीनी स्तर पर किसानों को कोई राहत नहीं मिल रही।
“यह सरकार केवल प्रचार में व्यस्त है, जबकि किसान बर्बादी झेल रहा है,” उन्होंने कहा।
🚜 आंदोलन की चेतावनी
अंत में संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि भाजपा बागवानों के साथ खड़ी है और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करेगी।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द राहत पैकेज और मुआवजे की घोषणा नहीं की, तो भाजपा इस मुद्दे को सड़कों पर उठाएगी और किसानों के समर्थन में आंदोलन करेगी।