ग्वालपत्थर में आयुष ग्राम मेला, 509 की जांच

rakesh nandan

31/03/2026

Ayush Department Himachal Pradesh द्वारा ग्राम पंचायत ग्वालपत्थर में आयुष ग्राम मेले का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में Nishant Sharma ने शिरकत की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आयुर्वेद, योग और प्राणायाम जैसी प्राचीन भारतीय पद्धतियां आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं और इन्हें अपनी दिनचर्या में शामिल करके हम स्वस्थ और निरोग जीवन जी सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आयुष विभाग द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

कार्यक्रम के दौरान एसडीएम ने आयुष पत्रिका का विमोचन किया और Gugga Temple परिसर में औषधीय पौधों का रोपण भी किया। इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ औषधीय पौधों के महत्व के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना था।

इससे पहले जिला आयुष अधिकारी Rajesh Kalia ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और विभाग की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं के बारे में जानकारी दी। उपमंडलीय आयुष चिकित्सा अधिकारी Suman Bala ने आयुष ग्राम कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित की जा रही गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में डॉ. कमल भारद्वाज ने औषधीय पौधों के उपयोग और उनके स्वास्थ्य लाभों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कई सामान्य बीमारियों का उपचार आयुर्वेदिक पद्धतियों के माध्यम से संभव है, जिससे लोगों को प्राकृतिक और सुरक्षित इलाज मिल सकता है।

मेले के दौरान आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर में लगभग 509 लोगों की जांच की गई, जो इस कार्यक्रम की सफलता को दर्शाता है। लोगों को विभिन्न बीमारियों के बारे में जानकारी दी गई और आवश्यक परामर्श भी प्रदान किया गया।

इसके अलावा, कार्यक्रम में निःशुल्क औषधीय पौधों का वितरण भी किया गया, जिससे लोग अपने घरों में औषधीय पौधों को उगा सकें और उनका उपयोग कर सकें। आयुर्वेद आधारित जीवनशैली, ‘अपनी रसोई, अपना उपचार’ और मोटे अनाज जैसे रागी, बाजरा और जौ के महत्व पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई।

इस प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को पारंपरिक खानपान और स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जागरूक किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि मोटे अनाज न केवल पौष्टिक होते हैं, बल्कि कई बीमारियों से बचाव में भी सहायक होते हैं।

कार्यक्रम में Prithi Chand सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।

कुल मिलाकर, आयुष ग्राम मेला लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ है। इस तरह के कार्यक्रम भविष्य में भी लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।