कविन्द्र गुप्ता ने मंगलवार को सुंदरनगर स्थित भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के ड्रेजर कॉम्प्लेक्स का दौरा कर जल प्रबंधन और गाद (सिल्ट) निस्तारण से जुड़ी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान राज्यपाल को बीबीएमबी के अधिकारियों ने बोर्ड की विभिन्न गतिविधियों, संचालन तंत्र और तकनीकी प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से जल निकासी प्रणाली, जलाशयों में गाद प्रबंधन और उसके वैज्ञानिक निस्तारण की प्रक्रियाओं में गहरी रुचि दिखाई।
💧 जल प्रबंधन और गाद निस्तारण पर विशेष फोकस
राज्यपाल ने अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि जलाशयों की क्षमता बनाए रखने के लिए गाद प्रबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जल प्रवाह को सुचारू बनाए रखने और जल संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए अपनाई जा रही तकनीकों की समीक्षा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गाद संचयन (सिल्ट डिपॉजिशन) जलाशयों की कार्यक्षमता को प्रभावित करता है, इसलिए इसके प्रभावी प्रबंधन के लिए वैज्ञानिक और आधुनिक तरीकों को अपनाना जरूरी है।
⚙️ तकनीकी व्यवस्थाओं का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान राज्यपाल ने ड्रेजर कॉम्प्लेक्स में उपयोग की जा रही मशीनरी, जल निकासी प्रणाली और रख-रखाव व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि किस प्रकार से गाद को हटाकर जलाशयों की क्षमता को बनाए रखा जाता है और इस प्रक्रिया में किन-किन तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
👍 बोर्ड के प्रयासों की सराहना
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने बीबीएमबी द्वारा अपनाए जा रहे उपायों की सराहना करते हुए कहा कि जल प्रबंधन और गाद निस्तारण के क्षेत्र में बोर्ड का कार्य सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इन प्रक्रियाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नवीन तकनीकों और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को अपनाना आवश्यक है, ताकि भविष्य में जल संकट जैसी समस्याओं से बचा जा सके।
👥 अधिकारी भी रहे मौजूद
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज, मंडी के उपायुक्त अपूर्व देवगन, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सहित बीबीएमबी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने राज्यपाल को परियोजना से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी और भविष्य की योजनाओं से भी अवगत कराया।