हिमाचल प्रदेश में प्रशासनिक गतिविधियों के तहत राज्यपाल Kavinder Gupta का मंडी जिला का दौरा प्रस्तावित है। इस संबंध में उपायुक्त Apoorv Devgan ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्यपाल 6 और 7 अप्रैल 2026 को मंडी जिले के प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राज्यपाल 6 अप्रैल की सायंकाल Sundernagar पहुंचेंगे। यहां उनका रात्रि ठहराव रहेगा। प्रशासन की ओर से उनके स्वागत और ठहराव के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
📍 7 अप्रैल को महत्वपूर्ण कार्यक्रम
उपायुक्त ने बताया कि 7 अप्रैल की सुबह राज्यपाल सुंदरनगर से डैहर के लिए प्रस्थान करेंगे। वहां वे Divya Manav Jyoti Seva Nyas में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम के तहत राज्यपाल टी.बी. मुक्त भारत अभियान की अध्यक्षता करेंगे। यह अभियान देशभर में क्षय रोग (टीबी) के उन्मूलन के उद्देश्य से चलाया जा रहा है और इसमें विभिन्न संस्थाओं तथा प्रशासन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
🏥 स्वास्थ्य जागरूकता पर जोर
इस अवसर पर टीबी जैसे गंभीर रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इसके उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा की जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार, टीबी को समाप्त करने के लिए समय पर जांच, उपचार और जनजागरूकता बेहद जरूरी है। राज्यपाल की उपस्थिति इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक मानी जा रही है। इससे न केवल लोगों में जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी सकारात्मक संदेश जाएगा।
🚗 प्रशासन की तैयारियां पूरी
राज्यपाल के दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि सुरक्षा, यातायात, ठहराव और कार्यक्रम स्थलों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि दौरा सुचारू रूप से संपन्न हो सके। अधिकारियों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं और संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
📢 दौरे का महत्व
राज्यपाल का यह दौरा प्रशासनिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर जहां वे टीबी मुक्त भारत जैसे राष्ट्रीय अभियान को मजबूती देंगे, वहीं दूसरी ओर यह दौरा स्वास्थ्य जागरूकता और जनभागीदारी को भी बढ़ावा देगा।
🔚 निष्कर्ष
कुल मिलाकर, राज्यपाल कविंद्र गुप्ता का मंडी दौरा स्वास्थ्य जागरूकता और प्रशासनिक सक्रियता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण होगा। टीबी मुक्त भारत अभियान में उनकी भागीदारी से इस दिशा में चल रहे प्रयासों को नई गति मिलने की उम्मीद है।