विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर कविन्द्र गुप्ता ने मंडी जिले के सुंदरनगर स्थित दिव्य मानव ज्योति सेवा ट्रस्ट, डैहर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित आयुष्मान आरोग्य शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और टीबी उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘स्वस्थ भारत’ परिकल्पना के अनुरूप सभी नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और समान स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में हिमाचल प्रदेश ने स्वास्थ्य संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है, जो सरकार और स्वास्थ्य कर्मियों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।
🏥 टीबी उन्मूलन में प्रगति
राज्यपाल ने क्षय रोग (टीबी) को अभी भी एक बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि राज्य इस बीमारी से निपटने में लगातार प्रगति कर रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2022 में जहां टीबी के 15,760 मामले दर्ज किए गए थे, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या घटकर 14,653 रह गई है। यह गिरावट स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता और जनसहभागिता को दर्शाती है।
उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 1.49 लाख उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इनमें से लगभग 46 प्रतिशत लोगों की जांच एक्स-रे के माध्यम से की गई, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है।
📡 आधुनिक तकनीक से जांच
राज्यपाल ने बताया कि शिविरों में आधुनिक हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों और उन्नत डायग्नोस्टिक सुविधाओं का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयों के माध्यम से दूरदराज क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं, जिससे समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में 25 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें उपलब्ध हैं और इनकी संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है। ब्लॉक स्तर पर भी उन्नत जांच सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं।
🌿 ‘टीबी-मुक्त पंचायत’ पहल के सकारात्मक परिणाम
राज्यपाल ने ‘टीबी-मुक्त ग्राम पंचायत’ पहल को एक सफल अभियान बताते हुए कहा कि इसके तहत सामुदायिक भागीदारी से अच्छे परिणाम सामने आए हैं।
- 2023: 731 पंचायतें (20%) टीबी-मुक्त
- 2024: 823 पंचायतें (23%)
- 2025: 1,052 पंचायतें (29%)
उन्होंने इसे राज्य के लिए एक प्रेरणादायक उपलब्धि बताया।
📅 100 दिवसीय विशेष अभियान
राज्यपाल ने बताया कि टीबी उन्मूलन के लिए 100 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत 5,176 उच्च जोखिम वाले गांवों और शहरी वार्डों की पहचान की गई है। इन क्षेत्रों में आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित कर टीबी के मामलों की जल्द पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।
🤝 जनभागीदारी पर जोर
राज्यपाल ने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल सरकार या स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसे जन आंदोलन बनाना जरूरी है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, पंचायतों, युवाओं, स्वयं सहायता समूहों और आशा कार्यकर्ताओं से सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने ‘निक्षय मित्र’ बनने की अपील करते हुए कहा कि समाज के सक्षम लोग टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके उपचार, पोषण और मानसिक सहयोग में योगदान दें।
🎓 संस्थानों की भागीदारी
राज्यपाल ने बताया कि सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी द्वारा कोटली मेडिकल ब्लॉक के 75 टीबी मरीजों को गोद लिया गया है, जो सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है।
🎯 कार्यक्रम की प्रमुख झलकियां
इस अवसर पर राज्यपाल ने शिविर का निरीक्षण किया, टीबी-मुक्त भारत अभियान के दूसरे चरण का लोगो जारी किया, टीबी मरीजों को पोषण किट वितरित की तथा टीबी चैंपियंस को सम्मानित किया। साथ ही उपस्थित लोगों को टीबी-मुक्त भारत की शपथ भी दिलाई गई।
कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज, उपायुक्त अपूर्व देवगन, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।