हिमाचल प्रदेश सरकार में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (नवाचार, डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस) गोकुल बुटेल 28 मार्च 2026 को मंडी जिले के एक दिवसीय प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे सुंदरनगर में आयोजित राज्य स्तरीय नलवाड़ किसान मेले के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे।
प्रवास कार्यक्रम के अनुसार गोकुल बुटेल सायंकाल सुंदरनगर पहुंचेंगे, जहां वे इस महत्वपूर्ण कृषि एवं सांस्कृतिक आयोजन में शामिल होंगे। नलवाड़ किसान मेला हिमाचल प्रदेश की समृद्ध कृषि परंपरा, पशुपालन और ग्रामीण संस्कृति को प्रदर्शित करने वाला एक प्रमुख मंच है।
इस मेले में प्रदेश भर से किसान, पशुपालक और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि भाग लेते हैं। मेले के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, पशुपालन, जैविक खेती और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाती है। साथ ही, यह मेला स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
गोकुल बुटेल का इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना मेले की गरिमा को और बढ़ाएगा। उनके द्वारा किसानों और युवाओं को नवाचार, डिजिटल तकनीक और आधुनिक कृषि पद्धतियों के उपयोग के लिए प्रेरित किए जाने की उम्मीद है।
बताया जा रहा है कि अपने संबोधन में वे प्रदेश में डिजिटल गवर्नेंस और नवाचार के क्षेत्र में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा कर सकते हैं। साथ ही, किसानों को नई तकनीकों को अपनाने और उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
नलवाड़ किसान मेला न केवल एक कृषि मेला है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक समागम का भी महत्वपूर्ण अवसर होता है। इसमें स्थानीय कला, संस्कृति और पारंपरिक खेलों का भी आयोजन किया जाता है, जिससे ग्रामीण जीवन की झलक देखने को मिलती है।
इस आयोजन के माध्यम से सरकार और प्रशासन का उद्देश्य किसानों को एक ऐसा मंच प्रदान करना है, जहां वे नई जानकारी प्राप्त कर सकें और अपनी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा सकें।
कार्यक्रम के समापन के बाद गोकुल बुटेल सुंदरनगर से पालमपुर के लिए प्रस्थान करेंगे, जहां वे अपने अगले निर्धारित कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के मेले और सरकारी सहभागिता से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति तेज होती है और किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने में मदद मिलती है।
कुल मिलाकर, गोकुल बुटेल का यह दौरा न केवल एक औपचारिक कार्यक्रम है, बल्कि यह किसानों, युवाओं और स्थानीय समुदाय के लिए प्रेरणा और विकास का संदेश भी लेकर आएगा।