घुमारवीं में जिला स्तरीय वाटरशेड महोत्सव, मंत्री धर्माणी ने कहा—“जल संरक्षण मानव जीवन का आधार”
घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र की तड़ोन पंचायत में शुक्रवार को जिला स्तरीय वाटरशेड महोत्सव उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश सरकार में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने की। महोत्सव का मुख्य उद्देश्य समुदाय को जल संरक्षण, जल प्रबंधन और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन के प्रति जागरूक करना था। महोत्सव में बच्चों द्वारा मॉडल, पेंटिंग, स्किट और थीम आधारित प्रदर्शनी प्रस्तुत की गईं, जिनमें जल संरक्षण के विभिन्न पहलुओं को रचनात्मक रूप से दर्शाया गया। मंत्री धर्माणी ने इन प्रस्तुतियों का अवलोकन कर विद्यार्थियों से संवाद किया और उनकी सराहना की।
“जल है तो कल है—यह सिर्फ नारा नहीं, धरती का मूल सत्य” : मंत्री धर्माणी
अपने संबोधन में मंत्री धर्माणी ने कहा कि वाटरशेड महोत्सव का प्रमुख उद्देश्य वर्षा जल को प्राकृतिक स्रोतों में रोकना, भूजल पुनर्भरण को बढ़ाना और मिट्टी के कटाव को रोकना है। इसके लिए चेक डैम, बावड़ी पुनर्निर्माण, पौधरोपण और जल संरचनाओं का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बच्चों की प्रस्तुतियों का उदाहरण देते हुए कहा—“भविष्य की पीढ़ी जल संरक्षण की महत्ता समझ चुकी है, यही जागरूकता आने वाले समय में बड़ा परिवर्तन लाएगी।”
वाटरशेड प्रोजेक्ट में घुमारवीं ब्लॉक को मिला विशेष स्थान
मंत्री ने बताया कि वैज्ञानिक मूल्यांकन के आधार पर बिलासपुर जिला में केवल घुमारवीं ब्लॉक को वाटरशेड प्रोजेक्ट के लिए चयनित किया गया है। इस परियोजना पर स्वीकृत ₹5.88 करोड़ में से ₹3 करोड़ से अधिक राशि संरचनाओं, जल संचयन और पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों पर व्यय की जा चुकी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले वर्ष में घुमारवीं ब्लॉक में इन कार्यों के स्पष्ट सकारात्मक प्रभाव दिखेंगे।
जल—प्रकृति और मानव जीवन का सेतु
मंत्री धर्माणी ने कहा कि जल के बिना धरती पर जीवन की कल्पना असंभव है। उन्होंने चेताया कि—जलवायु परिवर्तन, अनियमित वर्षा, बादल फटना, भूजल स्तर का गिरना, जैसी समस्याएँ जल संकट को और गंभीर बना रही हैं। इसलिए समुदाय आधारित प्रयास अनिवार्य हैं। उन्होंने कहा कि वर्षा जल को बिना संचयन बहने देना नुकसानदायक है, जबकि उसका संरक्षण कृषि, पेयजल, पशुपालन और दैनिक जीवन में अत्यंत लाभकारी है।
भाखड़ा बांध का उदाहरण देते हुए जल संचयन का महत्व समझाया
मंत्री ने कहा कि भाखड़ा बांध के जल संचयन मॉडल ने सूखे क्षेत्रों, विशेषकर राजस्थान में जीवन और खेती को संभव बनाया। उन्होंने कहा—“सही जल प्रबंधन पूरी पारिस्थितिकी और समाज दोनों को सुरक्षित करता है।” जल प्रदूषण पर बात करते हुए उन्होंने रसायनों और मानवजनित गतिविधियों से जल स्रोतों के दूषित होने पर चिंता जताई और कहा कि इनका संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है।
सरकारी योजनाओं से मिलेगा व्यापक सहयोग
मंत्री धर्माणी ने बताया कि—प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, आईडीपी प्रोजेक्ट, लाइफ़ मिशन, कृषि एवं बागवानी विभाग की योजनाएँ, तालाब निर्माण, सूक्ष्म सिंचाई, जल संरचनाएँ और रिचार्ज उपायों को बढ़ावा दे रही हैं।, उन्होंने कहा कि भूजल दोहन बढ़ने और रिचार्ज कम होने से हैंडपंपों का जलस्तर गिर रहा है, इसलिए वर्षा जल संचयन को जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है।
बच्चों की रचनात्मकता से प्रभावित हुए मंत्री
छात्रों द्वारा तैयार मॉडल, पेंटिंग और प्रदर्शनी को सराहते हुए मंत्री ने कहा कि बच्चों की भागीदारी दर्शाती है कि नई पीढ़ी जल संरक्षण को गंभीरता से समझ रही है। उन्होंने प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया—भाषण प्रतियोगिता: रिया (तड़ोन स्कूल) मॉडल प्रतियोगिता: अरविंद आदेश, पेंटिंग प्रतियोगिता: प्रांजल और अनीता
चेक डैम का उद्घाटन एवं भूमि पूजन
मंत्री धर्माणी ने डीबला और रोपड़ी नाले में लगभग ₹6 लाख की लागत से बने चेक डैम का उद्घाटन किया। इसके साथ ही रोपड़ी गांव में ₹6 लाख लागत से प्रस्तावित क्रट वायर व चेक डैम का भूमि पूजन भी किया।
बड़ी संख्या में लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम में अतिरिक्त उपायुक्त बिलासपुर ओमकांत ठाकुर, बीडीओ घुमारवीं अभिषेक शर्मा, पंचायत प्रधान मनोज कुमार, निदेशक जिला कंज्यूमर एंड मार्केटिंग फेडरेशन हेमराज, शिक्षकों, छात्रों और ग्रामवासियों की बड़ी संख्या मौजूद रही।
