Ghumarwin में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय ग्रीष्मोत्सव 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में कुश्ती प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए मेला समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता Gaurav Chaudhary ने की।
बैठक में कुश्ती प्रतियोगिता के संयोजक एवं डीएसपी Vishal Verma सहित अन्य अधिकारी और समिति सदस्य उपस्थित रहे। इस दौरान आयोजन से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
एसडीएम गौरव चौधरी ने बताया कि घुमारवीं में 5 अप्रैल से 9 अप्रैल तक राज्य स्तरीय ग्रीष्मोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस मेले के दौरान 8 और 9 अप्रैल को भव्य कुश्ती मुकाबले आयोजित किए जाएंगे, जिनमें हिमाचल प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों के पहलवानों के भी भाग लेने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि इस बार मेले में कुल पांच प्रमुख कुश्ती प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं, जिससे आयोजन को और अधिक आकर्षक बनाया गया है। मुख्य कुश्ती मुकाबले में विजेता पहलवान को ₹51,000 की नकद राशि, पारंपरिक गुर्ज और उपविजेता को ₹41,000 का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
इसके साथ ही “हिमाचल कुमार कुश्ती” का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें 16 से 21 वर्ष आयु वर्ग के युवा पहलवान भाग ले सकेंगे। इस प्रतियोगिता में विजेता को ₹21,000 और उपविजेता को ₹15,000 की पुरस्कार राशि दी जाएगी।
“बिलासपुर कुमार कुश्ती” प्रतियोगिता में 15 से 19 वर्ष के पहलवान भाग लेंगे, जिसमें विजेता को ₹11,000 और उपविजेता को ₹9,000 की नकद राशि दी जाएगी।
इस बार मेले में पहली बार “बाल केसरी कुश्ती” प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जा रहा है, जो इस आयोजन की विशेष आकर्षण होगी। इसमें 15 वर्ष से कम आयु और 60 किलोग्राम से कम वजन वाले पहलवान भाग ले सकेंगे। विजेता को ₹5,100 और उपविजेता को ₹4,100 का पुरस्कार दिया जाएगा।
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महिला कुश्ती प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा। महिला वर्ग में विजेता को ₹15,000 और उपविजेता को ₹11,000 की नकद राशि से सम्मानित किया जाएगा।
एसडीएम ने बताया कि मेले के दौरान 8 अप्रैल को दोपहर 1:00 बजे नगर परिषद प्रांगण से दंगल की भव्य जलेब (शोभायात्रा) निकाली जाएगी, जो मेला ग्राउंड तक पहुंचेगी। यह जलेब मेले का प्रमुख आकर्षण होगी और इसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे समय रहते सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें, ताकि आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन न केवल पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और सामाजिक मेलजोल को भी मजबूत करते हैं। इससे युवा पीढ़ी को खेलों के प्रति प्रेरणा मिलती है और क्षेत्रीय प्रतिभाओं को मंच मिलता है।

कुल मिलाकर, घुमारवीं ग्रीष्मोत्सव 2026 के दौरान आयोजित होने वाली यह कुश्ती प्रतियोगिता खेल प्रेमियों के लिए एक बड़ा आकर्षण होगी और क्षेत्र में उत्सव का माहौल बनाएगी।