हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में आयोजित राज्य स्तरीय घुमारवीं ग्रीष्मोत्सव 2026 का समापन समारोह बड़े हर्षोल्लास और पारंपरिक गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। पांच दिवसीय इस ऐतिहासिक मेले के समापन अवसर पर आयुष, कानून, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविंद्र गोमा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की, जबकि नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह के दौरान मुख्यातिथि ने विधिवत मेला ध्वज को उतारकर इस भव्य आयोजन के समापन की घोषणा की। इस अवसर पर क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक खेलों की झलक देखने को मिली, जिसने पूरे माहौल को उत्साह से भर दिया।

🔹 कुश्ती प्रतियोगिता बनी मुख्य आकर्षण
समापन समारोह में आयोजित कुश्ती प्रतियोगिताएं इस मेले का प्रमुख आकर्षण रहीं। विभिन्न वर्गों में खिलाड़ियों ने दमखम दिखाया और विजेताओं को पारंपरिक गुर्ज, पटका और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
🏆 सामान्य वर्ग
- विजेता: लाली फगवाड़ा — ₹51,000 + गुर्ज
- उपविजेता: गुरजीत मकरोडा (पंजाब) — ₹41,000
🏆 बाल केसरी वर्ग
- विजेता: अभिनाश चांदपुर — ₹5,100 + गुर्ज
- उपविजेता: ओमवीर बिलासपुर — ₹4,100
🏆 बिलासपुर केसरी
- विजेता: आयुष चांदपुर — ₹11,000 + गुर्ज
- उपविजेता: करण घुमारवीं — ₹9,000
🏆 हिमाचल केसरी
- विजेता: शुभम पनौल — ₹21,000 + गुर्ज
- उपविजेता: धीरज मंडी — ₹15,000
🏆 महिला वर्ग
- विजेता: रानी सोलन — ₹15,000 + गुर्ज
- उपविजेता: राधा सोलन — ₹11,000
🔹 परंपरा और खेल संस्कृति का संगम
घुमारवीं ग्रीष्मोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की परंपराओं और खेल संस्कृति को जीवित रखने का महत्वपूर्ण मंच है। कुश्ती जैसे पारंपरिक खेलों के माध्यम से युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा भी मिलती है।

🔹 प्रशासन और मेला समिति की भूमिका
इस सफल आयोजन के पीछे प्रशासन और मेला समिति का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मेला समिति अध्यक्ष एवं एसडीएम घुमारवीं गौरव चौधरी ने मुख्यातिथि और विशिष्ट अतिथि का स्वागत करते हुए आयोजन की जानकारी दी और सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देते हैं बल्कि क्षेत्र की पहचान को भी मजबूत करते हैं।

🔹 जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
समापन समारोह में कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें तिलक राज शर्मा, अंजना धीमान, सतपाल वर्धन, रीता सहगल और विशाल शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल रहे।

🔹 सांस्कृतिक धरोहर को मिला नया आयाम
घुमारवीं ग्रीष्मोत्सव 2026 ने एक बार फिर यह साबित किया कि ऐसे आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। यह उत्सव न केवल मनोरंजन का माध्यम है, बल्कि सामाजिक एकता, पारंपरिक मूल्यों और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने का एक सशक्त माध्यम भी है।
