हिमाचल प्रदेश के Ghumarwin में पांच दिवसीय राज्य स्तरीय ग्रीष्मोत्सव मेला-2026 का शुभारंभ पारंपरिक रीति-रिवाजों, सांस्कृतिक उत्साह और जनसहभागिता के साथ भव्य रूप में हुआ। इस अवसर पर परमवीर चक्र विजेता Sanjay Kumar ने मुख्य अतिथि के रूप में मेले का उद्घाटन किया, जबकि तकनीकी शिक्षा मंत्री Rajesh Dharmani विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत घुमारवीं के ऐतिहासिक शिव मंदिर से निकाली गई भव्य शोभायात्रा से हुई। इस शोभायात्रा में पारंपरिक वेशभूषा, सांस्कृतिक झांकियां और ढोल-नगाड़ों की गूंज ने पूरे क्षेत्र को उत्सवमय बना दिया। शोभायात्रा के मेला मैदान पहुंचने पर खूंटा गाड़ने, पूजा-अर्चना, बैलों का पूजन और ध्वजारोहण जैसी परंपराओं का निर्वहन किया गया, जो स्थानीय आस्था और संस्कृति का प्रतीक है।
🎤 अतिथियों के संबोधन
इस अवसर पर संजय कुमार ने कहा कि ऐसे मेले हमारी सांस्कृतिक पहचान के मजबूत स्तंभ हैं, जो समाज को एकजुट रखते हैं और परंपराओं को जीवित बनाए रखते हैं। उन्होंने युवाओं से देशभक्ति, अनुशासन और समर्पण के मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।
राजेश धर्माणी ने अपने संबोधन में कहा कि मेले और त्योहार हमारी समृद्ध विरासत की झलक होते हैं और आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग ही सफलता की कुंजी है।
🌾 ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर
धर्माणी ने सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का उल्लेख करते हुए बताया कि किसानों के हित में कच्ची हल्दी का न्यूनतम समर्थन मूल्य 150 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। इसके अलावा मछुआरों के लिए रॉयल्टी दर को 7.5% से घटाकर 1% किया गया है और मछली के लिए 100 रुपये प्रति किलोग्राम का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में ही रोजगार के अवसर पैदा करना है, ताकि युवाओं को पलायन न करना पड़े और स्थानीय स्तर पर ही विकास सुनिश्चित हो सके।
🎭 सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम
शुभारंभ समारोह के दौरान रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शानवी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जबकि महिला मंडल कोठीपुरा ने लोक नृत्य प्रस्तुत किया।
सरस्वती विद्या मंदिर की छात्राओं ने कहलुरी लोक नृत्य से सभी का दिल जीत लिया। वहीं मांडव्य कला मंच मंडी के कलाकारों ने नागरिया नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी।
🎶 आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा
मेला कमेटी के अध्यक्ष एवं एसडीएम Gaurav Chaudhary ने बताया कि यह ग्रीष्मोत्सव पांच दिनों तक चलेगा, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिताएं और सामाजिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि 6 से 9 अप्रैल तक प्रतिदिन सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन होगा:
- 6 अप्रैल: गौरव कौंडल
- 7 अप्रैल: इशांत भारद्वाज
- 8 अप्रैल: कुमार साहिल
- 9 अप्रैल: अनुज शर्मा
🏆 खेल प्रतियोगिताएं भी आकर्षण
मेले के दौरान बैडमिंटन, फुटबॉल और इस बार विशेष रूप से हैंडबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा कुश्ती प्रतियोगिता मुख्य आकर्षण रहेगी, जिसमें बच्चों के लिए बाल केसरी कुश्ती प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।
👥 गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजना धीमान, एपीएमसी अध्यक्ष सतपाल वर्धन, उद्योगपति गौरव सोनी सहित कई गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
🔚 निष्कर्ष
घुमारवीं ग्रीष्मोत्सव-2026 का यह भव्य शुभारंभ सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता और जनसहभागिता का शानदार उदाहरण बना। आने वाले दिनों में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से यह उत्सव क्षेत्र में उत्साह और ऊर्जा का संचार करेगा।
