मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शिमला में आयोजित मंत्रीमण्डल की बैठक में जिला बिलासपुर के घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र से जुड़े दो महत्वपूर्ण विकासात्मक निर्णयों को मंजूरी प्रदान की गई। इन निर्णयों में घुमारवीं में डिजिटल यूनिवर्सिटी की स्थापना तथा दो आधुनिक वाणिज्यिक परिसरों के निर्माण को स्वीकृति शामिल है। नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यवसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने इन निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के विकास को नई दिशा और गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश मंत्रिमण्डल ने सार्वजनिक-निजी सहभागिता (पीपीपी) मॉडल के अंतर्गत घुमारवीं में मल्टीडिसिप्लिनरी इंस्टिट्यूट ऑफ इनोवेशन, स्किल, टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी (एमआईआईएसटीईआर) की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की है। इस डिजिटल यूनिवर्सिटी के स्थापित होने से प्रदेश के युवाओं को नवाचार, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण अवसर प्राप्त होंगे।
राजेश धर्माणी ने कहा कि यह संस्थान डिजिटल रूप से सक्षम, कुशल और आत्मनिर्भर कार्यबल तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इसके अतिरिक्त मंत्रिमण्डल ने घुमारवीं क्षेत्र के मोहल मौजा पनोल शहरी तथा औहर में दो आधुनिक वाणिज्यिक परिसरों के निर्माण को भी मंजूरी दी है। इन परिसरों के बनने से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को व्यापार तथा रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को आधुनिक शिक्षा, कौशल और मजबूत बुनियादी ढांचा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी दिशा में लगातार ठोस निर्णय लिए जा रहे हैं।