घुमारवीं बाईपास से जल्द मिलेगी ट्रैफिक जाम से राहत

rakesh nandan

06/01/2026

बिलासपुर जिला के सबसे बड़े कस्बे घुमारवीं को अब आए दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से जल्द राहत मिलने वाली है। लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बस स्टैंड घुमारवीं से पुराने सीरखड्ड पुल तक बाईपास निर्माण का कार्य तेजी से अंतिम चरण में पहुंच गया है। बाईपास के तैयार होने से जहां घुमारवीं कस्बे में लगने वाले ट्रैफिक जाम से निजात मिलेगी, वहीं वाहनों का आवागमन भी अधिक सुगम और सुरक्षित हो सकेगा।

स्थानीय विधायक एवं प्रदेश सरकार में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी के प्रयासों से लंबे समय से लंबित इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना ने अब मूर्त रूप ले लिया है। लगभग 750 मीटर लंबी यह बाईपास सड़क परियोजना बस स्टैंड स्थित पेट्रोल पंप से शुरू होकर घुमारवीं थाना, नाहर सिंह मंदिर होते हुए पुराने सीरखड्ड पुल तक निर्मित की जा रही है। परियोजना को आगामी मार्च माह तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

घुमारवीं उपमंडल मुख्यालय होने के कारण प्रशासनिक, व्यापारिक और शैक्षणिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। साथ ही यह कस्बा कांगड़ा–शिमला राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर स्थित होने के कारण प्रतिदिन सैकड़ों वाहनों का दबाव झेलता है। अत्यधिक भीड़भाड़ के चलते यहां अक्सर ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती थी, लेकिन बाईपास के निर्माण से अब इस समस्या का स्थायी समाधान होने की उम्मीद है।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

नगर परिषद पार्षद कपिल शर्मा ने बताया कि गांधी चौक से तहसील कार्यालय तक अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती थी। बाईपास बनने से यह समस्या समाप्त होगी और बाजार क्षेत्र में यातायात सुचारू रहेगा।

पार्षद अश्वनी महाजन ने कहा कि जाम की वजह से स्थानीय लोगों के साथ-साथ व्यापार भी प्रभावित होता था। बाईपास के निर्माण से जहां यातायात सुगम होगा, वहीं बाजार की रौनक और व्यापारिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी।

स्थानीय व्यापारी सुनील कुमार सहित अन्य व्यापारियों ने भी बाईपास निर्माण को घुमारवीं के लिए बड़ी राहत बताया है।

मंत्री का बयान

तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि घुमारवीं बाजार में ट्रैफिक जाम एक गंभीर समस्या रही है। लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बस स्टैंड से पुराने सीरखड्ड पुल तक बाईपास निर्माण कार्य प्रगति पर है और इसे जल्द ही जनता को समर्पित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह मांग लंबे समय से लंबित थी, जिसे अब पूरा कर लोगों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत दी जा रही है।