घुमारवीं में 132/33 केवी उपकेंद्र का भूमि पूजन

rakesh nandan

23/02/2026

घुमारवीं में 132/33 केवी अत्याधुनिक विद्युत उपकेंद्र का भूमि पूजन

घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के विकास को नई दिशा देते हुए ग्राम पंचायत कसारू के कूठाकर में 132/33 केवी, 63 एमवीए क्षमता के अत्याधुनिक विद्युत उपकेंद्र का विधिवत भूमि पूजन किया गया। इस अवसर पर Rajesh Dharmani, नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री, ने परियोजना को क्षेत्र की विद्युत संरचना के लिए ऐतिहासिक पहल बताया।


96.67 करोड़ की परियोजना

इस विद्युत उपकेंद्र के निर्माण पर 96 करोड़ 67 लाख रुपये व्यय किए जाएंगे, जबकि क्षेत्र में विद्युत संप्रेषण लाइनों को सुदृढ़ करने के लिए 5 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च किए जाएंगे। मंत्री ने बताया कि यह घुमारवीं का पहला बड़ा 132/33 केवी ग्रिड उपकेंद्र होगा, जो आने वाले 20 से 25 वर्षों तक विद्युत आपूर्ति की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करेगा।


बेहतर और स्थिर बिजली आपूर्ति

 उपकेंद्र के माध्यम से उच्च दाब विद्युत को निम्न दाब में परिवर्तित कर संतुलित और स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। निम्न वोल्टेज, अधिक भार और बार-बार बिजली बाधित होने जैसी समस्याओं में उल्लेखनीय कमी आएगी। साथ ही जल शक्ति विभाग की पेयजल और सिंचाई योजनाओं को भी इस परियोजना से प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।


आर्थिक चुनौतियों के बीच विकास

मंत्री ने कहा कि आर्थिक चुनौतियों के बावजूद राज्य सरकार विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि सरकार ने 3800 करोड़ रुपये अतिरिक्त कोष में जोड़े हैं। आबकारी नीति के अंतर्गत पारदर्शी नीलामी से लगभग 600 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि विद्युत अनुदान सुधार से लगभग 1200 करोड़ रुपये की वार्षिक बचत सुनिश्चित की गई है।


शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार

मंत्री ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड पद्धति लागू की जा रही है ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। स्वास्थ्य क्षेत्र में रोबोटिक शल्य चिकित्सा की सुविधा आरंभ की गई है और 100 से अधिक सर्जरी आधुनिक तकनीक से की जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि चिकित्सा संस्थानों की प्रयोगशालाओं के उन्नयन के लिए जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी से लगभग 1800 करोड़ रुपये का ऋण लिया जा रहा है।


स्मार्ट मीटर प्रणाली

स्मार्ट मीटर प्रणाली के तहत उपभोक्ता मोबाइल एप के माध्यम से अपनी बिजली खपत को वास्तविक समय में देख सकेंगे। इससे सटीक बिलिंग, ऊर्जा संरक्षण, दूरस्थ निगरानी और विद्युत चोरी की रोकथाम में सहायता मिलेगी।