घुमारवीं सिविल अस्पताल ने स्वास्थ्य सेवाओं में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए पहली बार सफलतापूर्वक सिजेरियन प्रसव (सी-सेक्शन) किया है। विशेष रूप से उल्लेखनीय यह रहा कि पहले ही दिन दो अत्यंत जटिल मामलों को चिकित्सा दल ने पूरी सावधानी, विशेषज्ञता और टीमवर्क के साथ सफलतापूर्वक पूरा किया। इस उपलब्धि के बाद अस्पताल में खुशी का माहौल है, क्योंकि दोनों माताएं और उनके नवजात शिशु पूर्णतः स्वस्थ हैं।
चिकित्सा दल का उत्कृष्ट टीमवर्क—तेजी, सूझबूझ और विशेषज्ञता का बेहतरीन उदाहरण
यह सफलता डॉ. अनुपम शर्मा, डॉ. अभिनव गौतम, तकनीकी स्टाफ उमेश, पूजा, अंकुश और वार्ड स्टाफ सीता एवं रमा की शानदार टीमवर्क का परिणाम है। टीम ने अत्यंत संवेदनशील प्रक्रियाओं को विशेषज्ञता के साथ पूरा कर अस्पताल की क्षमताओं को नए स्तर पर स्थापित किया है।
प्रदेश सरकार की दूरदर्शी सोच का परिणाम—राजेश धर्माणी
प्रदेश सरकार के नगर नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने इस ऐतिहासिक सफलता पर संपूर्ण चिकित्सा दल को बधाई दी। उन्होंने कहा कि घुमारवीं अस्पताल में पहली बार जटिल सिजेरियन प्रसव का सफल होना उस दूरदर्शी प्रयास का प्रमाण है जिसके तहत हर विधानसभा क्षेत्र में “आदर्श स्वास्थ्य संस्थान” विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब जटिल प्रसव के लिए बड़े अस्पतालों में रेफरल की आवश्यकता कम होगी, जिससे आम लोगों का आर्थिक बोझ कम होगा और समय व जोखिम दोनों की बचत होगी।
दो अत्यंत जटिल मामलों को संभालकर चिकित्सा दल ने दिखाया कौशल
बीएमओ डॉ. अनुपम शर्मा ने बताया कि ऑपरेशन में दो अत्यंत संवेदनशील मामले शामिल थे—
पहला मामला: टकरेड़ा की महिला, जो 19 वर्षों बाद गर्भवती हुई थी।
दूसरा मामला: जोल–कुठेडा की महिला, जिनके पेट में रसौली पाई गई थी।
दोनों ही मामलों में टीम ने अत्यधिक सावधानी से ऑपरेशन किया और दोनों प्रसूताओं व नवजातों को सुरक्षित स्वास्थ्य प्रदान किया।
आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता से मिली गति—मोर्टल लैबोरेट्रीज का सहयोग
डॉ. अनुपम ने बताया कि ऑपरेशन के लिए आवश्यक आधुनिक उपकरण उपलब्ध करवाने में मंत्री राजेश धर्माणी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके निर्देश पर मोर्टल लैबोरेट्रीज ने अत्याधुनिक उपकरण स्पॉन्सर किए, जिससे अस्पताल की क्षमताओं में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई।
“आदर्श स्वास्थ्य संस्थान” योजना से बदल रहा है हिमाचल का स्वास्थ्य ढाँचा
मंत्री धर्माणी ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार 68 विधानसभा क्षेत्रों में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस “आदर्श स्वास्थ्य संस्थान” विकसित कर रही है। इन संस्थानों में मेडिसिन, सर्जरी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, बाल रोग, अस्थि रोग और एनेस्थीसिया के विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात किए जा रहे हैं। साथ ही अस्पतालों के बुनियादी ढाँचे, उपकरणों और सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि योजना के पहले चरण में 34 अस्पतालों को प्राथमिकता के साथ मॉडल संस्थान के रूप में विकसित किया जा रहा है।
घुमारवीं सिविल अस्पताल की उपलब्धि बनेगी मील का पत्थर
अस्पताल में दर्ज की गई यह सफलता न केवल चिकित्सा दल की निष्ठा और विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों का प्रभावी परिणाम भी है। यह उपलब्धि आने वाले समय में घुमारवीं तथा आसपास के क्षेत्रों के लोगों को और अधिक उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध करवाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।