11 साल बाद गौरक्षक केस में सभी आरोपी बरी

rakesh nandan

13/03/2026

अक्टूबर 2015 में हुए एक बहुचर्चित मामले में लगभग 11 वर्ष बाद अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया। इस फैसले के बाद सराहा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं का स्वागत किया गया और इस अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कई सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। मामले से जुड़े लोगों के अनुसार यह घटना अक्टूबर 2015 की एक रात की है, जब कथित रूप से गौवंश से भरी एक गाड़ी का पीछा किया गया। बताया जाता है कि उस दौरान पुलिस की मौजूदगी में चलती गाड़ी से गौवंश को नीचे फेंकने की घटना हुई, जिससे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। घटना के बाद मौजूद कुछ लोगों ने आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि बताया गया कि उस समय एक आरोपी मौके से भाग गया था, जिसे बाद में अगली सुबह पकड़कर पुलिस को सौंप दिया गया।


पुलिस हिरासत में एक आरोपी की हुई थी मौत

घटना के बाद पुलिस ने कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया था। इस दौरान पुलिस कस्टडी में एक आरोपी की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद मामला और अधिक संवेदनशील हो गया। मामले में बाद में पुलिस द्वारा कुछ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इसके बाद यह मामला न्यायालय में चला और कई वर्षों तक इसकी सुनवाई होती रही।


11 वर्षों तक चली कानूनी प्रक्रिया

इस मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि आरोपी युवाओं को लगभग 11 वर्षों तक न्यायालय की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा और उन्हें लगातार अदालत के चक्कर लगाने पड़े। लंबी सुनवाई के बाद अंततः अदालत ने सभी आरोपियों को आरोपों से मुक्त कर दिया। अदालत के इस फैसले के बाद समर्थकों और स्थानीय लोगों ने इसे न्याय की जीत बताते हुए खुशी व्यक्त की।


सराहा में हुआ स्वागत कार्यक्रम

अदालत के फैसले के बाद सराहा में एक स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस अवसर पर मनोज कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भले ही इस मामले में न्याय मिलने में समय लगा, लेकिन अंततः सच्चाई की जीत हुई है। उन्होंने कहा कि इन 11 वर्षों के दौरान युवाओं और उनके परिवारों ने कठिन समय का सामना किया और धैर्य बनाए रखा।


स्वर्गीय देवेंद्र सिंह भंडारी को किया याद

कार्यक्रम के दौरान मनोज कुमार ने स्वर्गीय देवेंद्र सिंह भंडारी को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उस कठिन समय में देवेंद्र सिंह भंडारी ने युवाओं के समर्थन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और लगातार उनकी रिहाई के प्रयास किए थे। उन्होंने कहा कि भले ही आज वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।


कई कार्यकर्ताओं को मिली राहत

इस मामले में जिन लोगों को अदालत से राहत मिली है, उनमें

  • अरुण भंडारी

  • विकास

  • पंकज

  • विनय

  • अंशु

  • सुभाष

  • मोहन भंडारी

  • अजमेर सिंह

  • जोगिंदर सिंह

  • अरुण कौशिक

  • तरुण कौशिक

  • अक्षय

शामिल बताए गए हैं।

इन सभी को अदालत द्वारा आरोपों से मुक्त किए जाने के बाद उनके समर्थकों ने उन्हें बधाई दी।


मंदिर में जाकर किया दर्शन

अदालत के फैसले के बाद सभी कार्यकर्ता मंदिर में दर्शन के लिए भी गए और ईश्वर का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और स्थानीय ग्रामीण भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।


फोन पर दी बधाई

बताया गया कि प्रवीण तोगड़िया ने भी फोन के माध्यम से कार्यकर्ताओं से बात की और उन्हें अदालत के फैसले पर बधाई दी। इस अवसर पर ओजस्विनी संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष रजनी ठुकराल सहित अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल के कई पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।


समर्थकों ने फैसले को बताया न्याय की जीत

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने अदालत के फैसले को न्याय की जीत बताया और कहा कि लंबे समय बाद युवाओं को राहत मिली है। उन्होंने कहा कि यह मामला कई वर्षों तक चर्चा में रहा और अब अदालत के फैसले के बाद इसमें एक नया अध्याय जुड़ गया है।