5 मार्च को आयुर्वेदिक अस्पताल मनवीं में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर
आयुष अधिकारी डॉ. राजेश कालिया ने जानकारी दी कि विभाग की ओर से 5 मार्च को आयुर्वेदिक अस्पताल मनवीं में निःशुल्क बहु विशेषज्ञ चिकित्सीय स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया जाएगा। इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को पारंपरिक आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से जोड़ना और उन्हें निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है।
विधायक सुरेश कुमार होंगे मुख्य अतिथि
भोरंज क्षेत्र के विधायक सुरेश कुमार इस शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। उनके साथ विभागीय अधिकारी और स्वास्थ्य कर्मी भी मौजूद रहेंगे। डॉ. राजेश कालिया ने बताया कि शिविर में आयुर्वेद पद्धति के विशेषज्ञ चिकित्सक मरीजों के स्वास्थ्य की जांच करेंगे और आवश्यक परामर्श प्रदान करेंगे।
निःशुल्क जांच और दवाइयां
शिविर के दौरान मरीजों का निःशुल्क रक्त परीक्षण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाइयां भी वितरित की जाएंगी। विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सामान्य रोगों, जोड़ों के दर्द, पाचन संबंधी समस्याओं, त्वचा रोग और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के लिए परामर्श दिया जाएगा। आयुर्वेदिक उपचार पद्धति के माध्यम से रोगों के मूल कारण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
पारंपरिक चिकित्सा से जोड़ने का प्रयास
आयुष विभाग का उद्देश्य लोगों को पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली के प्रति जागरूक करना है। आयुर्वेद न केवल उपचार, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर भी जोर देता है। डॉ. कालिया ने कहा कि आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति शरीर, मन और आत्मा के संतुलन पर आधारित है। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे शिविरों के माध्यम से लोगों को प्राकृतिक उपचार के लाभों से अवगत कराया जा रहा है।
अधिक से अधिक लोगों से भागीदारी की अपील
उन्होंने आमजन से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में शिविर में पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएं। विशेषकर बुजुर्ग, महिलाएं और दीर्घकालिक रोगों से पीड़ित मरीज इस अवसर का लाभ ले सकते हैं। शिविर में स्वास्थ्य जागरूकता संबंधी परामर्श भी दिया जाएगा, ताकि लोग दैनिक जीवन में सरल उपाय अपनाकर अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकें।
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बल
ऐसे निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जहां नियमित रूप से विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध नहीं होतीं, वहां इस प्रकार के आयोजन लोगों के लिए राहत का माध्यम बनते हैं। 5 मार्च को आयोजित यह शिविर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और आयुर्वेदिक उपचार के प्रचार-प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।