हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम ने कहा है कि सरकारी राशन डिपुओं में उपलब्ध करवाए जा रहे फोर्टिफाइड चावल के बारे में फैली अफवाहें पूरी तरह निराधार और भ्रामक हैं। निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक संजीव वर्मा ने स्पष्ट किया कि यह चावल अत्यंत पौष्टिक है और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी सिद्ध होता है।
99:1 अनुपात में मिलाए जाते हैं पोषक तत्व
संजीव वर्मा ने बताया कि फोर्टिफाइड चावल में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन B-12 जैसे अत्यावश्यक पोषक तत्व मिलाए जाते हैं। इनकी मात्रा 99:1 के अनुपात में निर्धारित की गई है— यानी 99 किलोग्राम सामान्य चावल में 1 किलोग्राम पोषक तत्व मिलाकर इसे फोर्टिफाइड किया जाता है। उन्होंने बताया कि फोर्टिफिकेशन के बाद चावल का रंग हल्का बदल सकता है और कई बार कुछ दाने पानी में तैर भी सकते हैं, लेकिन इससे घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
पूरी तरह सुरक्षित और FSSAI मानकों के अनुरूप
निगम ने स्पष्ट किया कि यह चावल भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के मानकों के मुताबिक तैयार किया जाता है। यह न सिर्फ सुरक्षित है, बल्कि शरीर में लौह तत्व की कमी दूर करने और अनीमिया जैसे गंभीर रोगों की रोकथाम में बेहद प्रभावी है।