फॉरेंसिक सेवाओं ने मनाया 38वां स्थापना दिवस

rakesh nandan

14/12/2025

निदेशालय फॉरेंसिक सेवाएँ, हिमाचल प्रदेश ने शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थिएटर, मॉल रोड में भव्य समारोह के साथ अपना 38वां स्थापना दिवस मनाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने की। समारोह में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, फॉरेंसिक वैज्ञानिक, शिक्षाविद तथा विभिन्न जांच एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से किया गया। इस अवसर पर रक्तदान शिविर, फॉरेंसिक प्रदर्शनी तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत फॉरेंसिक विज्ञान की भूमिका पर विषयगत व्याख्यान आयोजित किए गए। प्रदर्शनी में सुलझाए गए जघन्य अपराध मामलों को प्रदर्शित किया गया, जिन्हें वैज्ञानिक साक्ष्यों के माध्यम से सुलझाया गया था।

निदेशक फॉरेंसिक सेवाएँ डॉ. मीनाक्षी महाजन ने विभाग की ऐतिहासिक यात्रा, तकनीकी प्रगति और राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त मान्यताओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 1988 में स्थापना के बाद से विभाग ने डीएनए, डिजिटल फॉरेंसिक, वॉयस एनालिसिस, फॉरेंसिक साइकोलॉजी सहित कई आधुनिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है।

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि वैज्ञानिक साक्ष्य आपराधिक न्याय प्रणाली की निष्पक्षता और दक्षता की रीढ़ हैं। उन्होंने निदेशालय की सराहना करते हुए बताया कि वर्ष 2025 में फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं द्वारा 12,120 से अधिक रिपोर्ट जारी की गईं और सैकड़ों अपराध स्थलों का वैज्ञानिक निरीक्षण किया गया।

इस अवसर पर उत्कृष्ट सेवाओं के लिए फॉरेंसिक अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके बच्चों को सम्मानित किया गया। साथ ही रक्तदान शिविर में 300 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। कार्यक्रम फॉरेंसिक विज्ञान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली को मजबूत करने के संकल्प का प्रतीक बना।