नाहन में खाद्य सुरक्षा अधिनियम पर समीक्षा बैठक

rakesh nandan

09/03/2026

नाहन में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम की समीक्षा बैठक

नाहन में आज राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता डॉ. एस.पी. कात्याल, अध्यक्ष राज्य खाद्य आयोग ने की। बैठक का आयोजन जिला मुख्यालय स्थित बचत भवन में किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी सिरमौर एवं जिला शिकायत निवारण अधिकारी एल.आर. वर्मा ने अध्यक्ष खाद्य आयोग का शाल और टोपी भेंट कर स्वागत किया। बैठक के दौरान जिले में आवश्यक खाद्यान्न वस्तुओं की उपलब्धता, गुणवत्ता, शिकायत निवारण व्यवस्था तथा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।


पीडीएस प्रणाली की नियमित निगरानी के निर्देश

बैठक में खाद्य आयोग के अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत खाद्यान्न की सप्लाई चेन से लेकर लाभार्थियों तक वितरण के प्रत्येक स्तर पर गुणवत्ता और मात्रा का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि उचित मूल्य की दुकानों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों में चल रहे मिड-डे-मील कार्यक्रम तथा थोक गोदामों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाना चाहिए, ताकि खाद्यान्न की उपलब्धता और गुणवत्ता बनाए रखी जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि यदि वितरण प्रणाली में किसी प्रकार की कमी पाई जाती है तो उसे तुरंत दूर किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह बनाया जाए।


उपभोक्ताओं को अधिकारों के प्रति जागरूक करने पर जोर

डॉ. एस.पी. कात्याल ने कहा कि खाद्यान्न वितरण प्रणाली और सरकार द्वारा बनाए गए नीतिगत प्रावधानों के बारे में उपभोक्ताओं को जागरूक करना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब उपभोक्ता अपने अधिकारों और योजनाओं के बारे में जानकारी रखते हैं, तो वे इन योजनाओं का सही लाभ उठा सकते हैं। बैठक में सतर्कता समितियों द्वारा किए जा रहे निरीक्षण कार्यों की भी समीक्षा की गई।


शिकायतों की स्थिति पर दी जानकारी

बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एल.आर. वर्मा ने बताया कि जिला सिरमौर में पिछले एक वर्ष के दौरान खाद्य सुरक्षा से संबंधित कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा त्रैमासिक आधार पर पीडीएस प्रणाली के अंतर्गत जारी किए जाने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों तथा लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न वितरण से संबंधित निरीक्षण किए जाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि समय-समय पर इन योजनाओं की समीक्षा भी की जाती है ताकि प्रणाली पारदर्शी और प्रभावी बनी रहे।


शिकायत निवारण के लिए संपर्क जानकारी प्रदर्शित करने के निर्देश

खाद्य आयोग के अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला में संचालित सभी उचित मूल्य की दुकानों और आंगनबाड़ी केंद्रों में जिला शिकायत निवारण अधिकारी और अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी का दूरभाष नंबर तथा ईमेल पता प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे उपभोक्ताओं को राशन से संबंधित किसी भी समस्या के समाधान के लिए सीधे संपर्क करने में सुविधा मिलेगी और शिकायतों का समयबद्ध निवारण संभव हो सकेगा।


स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण

बैठक से पहले डॉ. एस.पी. कात्याल ने नाहन शहर के एक प्रारंभिक विद्यालय और एक माध्यमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण भी किया। इसके साथ ही उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र बनोग का निरीक्षण कर वहां व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को दूर करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त उन्होंने जमटा उचित मूल्य की दुकान का निरीक्षण किया और स्कूलों के मिड-डे-मील के लिए राशन का समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


पीडीएस से लाखों लाभार्थियों को मिल रहा राशन

बैठक में जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने जानकारी दी कि जिले में 135,550 राशन कार्ड धारकों के माध्यम से 530,490 लाभार्थियों को प्रतिमाह सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि पात्र परिवारों को नियमित रूप से निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध हो सके।


स्कूलों में मिड-डे-मील से हजारों विद्यार्थियों को लाभ

उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा राजीव ठाकुर ने बताया कि जिले की 1852 पाठशालाओं में 55,549 पात्र विद्यार्थियों को नियमित रूप से मिड-डे-मील उपलब्ध कराया जा रहा है। खाद्य आयोग के अध्यक्ष ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि न्यूट्रीशन गार्डन योजना के तहत भूमि उपलब्धता वाले सभी स्कूलों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।


आंगनबाड़ी केंद्रों से पोषण आहार वितरण

जिला कार्यक्रम अधिकारी एकीकृत बाल विकास सेवा पवन कुमार ने बताया कि जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से:

  • 3633 गर्भवती महिलाएं

  • 2980 धात्री माताएं

  • 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 43,265 बच्चे

को पोषणयुक्त आहार और खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग को जिला स्तर पर न्यूट्रीशन रिहैबिलिटेशन सेंटर स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि कुपोषित बच्चों को बेहतर उपचार और पोषण सहायता मिल सके।


कई विभागों के अधिकारी रहे उपस्थित

इस अवसर पर कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:

  • उप निदेशक उच्च शिक्षा विजय कुमार राघव

  • जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नासर अहमद

  • क्षेत्रीय प्रबंधक राज्य नागरिक आपूर्ति निगम नाहन नरेश कुमार

  • बाल विकास परियोजना अधिकारी नाहन इशाक मोहम्मद

बैठक में अधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समन्वित प्रयासों पर बल दिया।