बिलासपुर || 25 जुलाई, 2024 || एफडीआर प्रौद्योगिकी प्रणाली के तहत सड़क निर्माण का परिक्षण प्रयोग आज बिलासपुर के बनेर जगातखाना सडक पर आरम्भ हुआ। अधिक्षण अभिन्यता लोक निर्माण विभाग बिलासपुर जीत सिंह ठाकुर ने इसका शुभारम्भ करते हुए बताया कि 16 अक्तूबर, 2023 में मुख्यमन्त्री हिमाचल प्रदेश सुखविन्द्र सिंह सुक्खु ने प्रदर्शन के उपरान्त इस तकनीक को लोक निर्माण मन्त्री विक्रमादित्य सिंह की मौजुदगी में हिमाचल प्रदेश के लिए स्वीकृति प्रदान की थी।

उन्होने बताया कि हिमाचल में इस तकनीक से निर्मित होने वाली सडकों में पहला कार्य जिला बिलासपुर मे आरम्भ किया जा रहा है इससे पूर्व उतर प्रदेश, विहार, झारखण्ड के उपरान्त हिमाचल प्रदेश का बिलासपुर एक ऐसा जिला है जहां यह कार्य हो रहा है।

उन्होने बताया कि इस तकनीक के अन्तर्गत प्रदेश में 113 सड़के जिसकी लम्बाई 1180 किमी है को निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुई है। प्रधानमन्त्री ग्राम सड़क योजना 3 के अन्तर्गत इस प्रौद्योगिकी के माध्यम से जिला बिलासपुर के लिए 7 सड़के स्वीकृत हुई है जिसकी लम्बाई लगभग 70 किमी व अनुमानित लागत 67 करोड आंकी गई है। झण्डुता क्षेत्र के लिए 3 सड़के जबकि घुमारवीं के लिए 2 तथा श्री नयनादवी जी के लिए 2 सड़के स्वीकृत की गई है। झण्डुता में बुहाड से मलहोट, डोलग चकनाड से गाह, बरोहा से कोहिणा, तरघेहल से लदरौर, गाहर से केट, बनेर जगातखाना, वेहल से स्वाहण बाया लखाला बेहल सडके शामिल है।

उन्होने बताया कि जिला मैं तीन सडकों का परिक्षण प्रयोग किया है जबकि चार अन्य का जल्द कर सडक निर्माण कार्य आरम्भ कर दिया जाएगा।

उन्होने बताया कि इस तकनीक के माध्यम से सडकों का निर्माण जहां सस्ता, सुलभ व पर्यावरण अनुकूल है वहीं निर्माण लागत भी कम आती है। इसके माध्यम से सड़क निर्माण जल्द किया जाता है जिसमें सड़क पर पडी सामग्री (मिटटी, पत्थर आदि) का पुनर्पयोग करके सडक का निर्माण किया जाता है। उन्होने बताया कि इस तकनीक से बनी सडको की गुणवता के साथ साथ रखखाव का खर्चा भी कम होता है। नवीन मशीनों के माध्यम से निर्माण कार्य किया जाता है।

सडक निर्माण के प्रवधन को करने वाली ट्रांसलिनक इन्फ्रा कनसलटेन्सी प्राइवेट लिमिटेड के टीम लीडर कर्नल आर एस पूरी ने एफडीआर प्रौद्योगिकी के माध्यम से सडक निर्माण किये जाने सम्बधी सम्पूर्ण तकनीक की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर अधिशाषी अभियन्ता लोक निर्माण विभाग बिलासपुर रंजन कुमार गुप्ता, सहायक अभियन्ता दिनेश गुप्ता, रोहित गुप्ता, सुरम सिंह, कनिष्ठ अभियन्ता जगत राम के अतिरिक्त निर्माण कम्पनी निर्भया कसंट्रक्सन के परियोजना प्रबधक वसीम आक्रम उपपरियोजना प्रबधक आदित्य यादव, क्वालिटि कन्ट्रोल इकाई के प्रभारी आदित्य शुक्ला तथा दीपू व कैमीकल उपलब्ध करवाने वाली एएनटी टैक्नोलोजी के तकनीकी प्रबधक कुलदीप सिंह तथा सिनियर साईट इन्जीनीयर आलोक सिंह भी उपस्थित थे।

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