Sandeepani Bhardwaj ने हिमाचल प्रदेश में एंट्री टैक्स को लेकर चल रहे विवाद पर कांग्रेस सरकार को घेरते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा दरों में कटौती के आदेश जारी करने के बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति पूरी तरह विपरीत है और लोगों से अब भी अधिक शुल्क वसूला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में कई स्थानों पर लोगों से ₹170 तक की पर्ची काटी जा रही है, जो न केवल प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है, बल्कि भ्रष्टाचार की आशंका भी पैदा करता है। भाजपा प्रवक्ता के अनुसार यह स्थिति आम जनता और वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन गई है।
संदीपनी भारद्वाज ने बताया कि पहले 5 से 12 सीटर वाहनों पर ₹70 से ₹110 तक एंट्री टैक्स लिया जाता था। बाद में इसे बढ़ाकर ₹130 कर दिया गया, जिसके विरोध के बाद सरकार ने इसे घटाकर ₹100 करने का दावा किया। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि जमीनी हकीकत इससे अलग है और लोगों से अभी भी अधिक राशि वसूली जा रही है।
उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स और स्थानीय स्तर से मिल रही जानकारी यह संकेत देती है कि सरकारी आदेशों का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है। उनके अनुसार यह स्थिति दर्शाती है कि प्रशासनिक तंत्र में समन्वय की कमी है और निर्णयों को लागू करने में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।
भाजपा प्रवक्ता ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पहली बार है जब राज्य में ऐसी स्थिति देखने को मिल रही है, जहां सरकार के आदेशों को ही प्रशासन नजरअंदाज कर रहा है। उन्होंने इसे शासन व्यवस्था की कमजोरी करार दिया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही हैं। पेट्रोल-डीजल, टैक्स और अन्य शुल्कों में बढ़ोतरी के बाद अब एंट्री टैक्स को लेकर उत्पन्न स्थिति ने लोगों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं।
संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि एंट्री टैक्स के विरोध में चल रहे धरना-प्रदर्शनों के कारण Una बॉर्डर से राज्य में प्रवेश करने वाले कई मार्गों को डायवर्ट करना पड़ा है। इससे न केवल यात्रियों को असुविधा हो रही है, बल्कि व्यापार और परिवहन गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि यह स्थिति कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण की कमजोरी को उजागर करती है। सरकार एक ओर निर्णय लेती है, लेकिन दूसरी ओर उन्हें लागू करने में असफल रहती है, जिससे जनता का भरोसा कमजोर होता है।
भाजपा प्रवक्ता ने मांग की कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए और अवैध वसूली पर तुरंत रोक लगाई जाए। साथ ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द इस मुद्दे पर उचित कदम नहीं उठाए, तो भाजपा इस मामले को जनता के बीच लेकर जाएगी और व्यापक आंदोलन करेगी।
कुल मिलाकर, एंट्री टैक्स को लेकर जारी यह विवाद प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनता जा रहा है और आने वाले समय में इस पर और तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।