द्रंग में शिक्षा मंत्री ने किए विकास कार्यों का उद्घाटन
हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने मंडी जिला के दो दिवसीय प्रवास के पहले दिन द्रंग विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न शैक्षणिक परियोजनाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने लगभग 10.72 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी के नारला स्थित द्रंग परिसर तथा 1.74 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला साहल के नए भवन का लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में उच्च शिक्षा और विद्यालयी शिक्षा की आधारभूत संरचना को और मजबूत बनाने का प्रयास किया गया है।
वार्षिक समारोह में मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित
उद्घाटन कार्यक्रम के बाद शिक्षा मंत्री ने राजकीय डिग्री कॉलेज द्रंग, नारला के 18वें वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया और विद्यार्थियों को मेहनत तथा अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करना जरूरी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी संपदा हैं और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में उच्च शिक्षा में ग्रॉस एनरोलमेंट रेशो लगभग 43 प्रतिशत है, जो पूरे देश में तमिलनाडु के बाद दूसरा स्थान है।
शिक्षा क्षेत्र में प्रदेश की रैंकिंग में सुधार
शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने अपने तीन वर्ष के कार्यकाल में शिक्षा की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि सरकार के प्रयासों के परिणामस्वरूप शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश की रैंकिंग 21वें स्थान से बढ़कर 5वें स्थान तक पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि इस दौरान प्रदेश में लगभग 7 हजार अध्यापकों की तैनाती की गई है।
शिक्षकों के पदों को भरने की प्रक्रिया जारी
शिक्षा मंत्री ने जानकारी दी कि स्कूल कैडर में पीजीटी के 600 से अधिक पद आयोग के माध्यम से भरे गए हैं, जबकि पिछली सरकार के कार्यकाल में लगभग 500 पद ही भरे गए थे। इसके अतिरिक्त राज्य चयन आयोग के माध्यम से टीजीटी के 937 पदों को भरने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और दूरदराज क्षेत्रों में इन पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा। उन्होंने बताया कि 1200 जेबीटी पदों को भरने की प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि जहां विद्यार्थियों की संख्या 20 से अधिक होगी, वहां दूसरा शिक्षक नियुक्त किया जाएगा।
कौशल आधारित शिक्षा पर सरकार का जोर
शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान समय में 134 सरकारी महाविद्यालय कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि बदलते समय के अनुसार विद्यार्थियों को कौशल आधारित और रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकें।
नारला कॉलेज में शुरू होंगे दो पीजी कोर्स
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री ने पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर की मांग पर राजकीय महाविद्यालय नारला में राजनीति शास्त्र और इतिहास विषय में दो स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आगामी शैक्षणिक सत्र से इन पाठ्यक्रमों को शुरू करने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कॉलेज में रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरने का भी आश्वासन दिया।
अन्य विकास कार्यों पर भी विचार
शिक्षा मंत्री ने कहा कि महाविद्यालय में छात्रावास निर्माण और खेल मैदान के चारों ओर चारदीवारी लगाने के प्रस्ताव पर भी सरकार द्वारा विचार किया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने शारीरिक शिक्षा के पद को सृजित करने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पधर को अगले शैक्षणिक सत्र से सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए 50 हजार की घोषणा
समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। शिक्षा मंत्री ने इन कार्यक्रमों की सराहना करते हुए सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए 50 हजार रुपये प्रदान करने की घोषणा की।
कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर पूर्व मुख्य संसदीय सचिव सोहन लाल ठाकुर, सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी के कुलपति डॉ. ललित अवस्थी, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चंपा ठाकुर, एसडीएम सुरजीत सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महाविद्यालय का स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी भी मौजूद रहे।