ई-टैक्सी योजना बनी रोजगार का मजबूत साधन

rakesh nandan

07/12/2025

हिमाचल प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना (ई-टैक्सी) राज्य के युवाओं के लिए एक बड़ा रोजगार अवसर साबित हो रही है। जिला बिलासपुर और हमीरपुर के दो लाभार्थियों—शंकर सिंह (घुमारवीं, बिलासपुर) और रमेश कुमार (लठवाण, हमीरपुर)—ने इस योजना के माध्यम से स्थिर व सम्मानजनक रोजगार प्राप्त किया है।

दोनों ने योजना के तहत 15–15 लाख रुपये मूल्य की इलेक्ट्रिक टैक्सी खरीदी, जिन पर सरकार ने 50% सब्सिडी प्रदान की। उनके वाहन अब सरकारी विभागों में नियमित रूप से तैनात हैं—

  • शंकर सिंह का वाहन एसी टू डीसी कार्यालय बिलासपुर

  • रमेश कुमार का वाहन बीडीओ सदर बिलासपुर कार्यालय में अटैच है।

सरकार उनके वाहनों के लिए 18% GST सहित 59,000 रुपये प्रतिमाह का भुगतान कर रही है, जिससे वाहन की किश्तें आसानी से निकल रही हैं और दोनों को 15–20 हजार रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त शुद्ध बचत हो रही है।

शंकर सिंह: 20 साल तक चालक, अब स्थिर आय वाले उद्यमी

घुमारवीं निवासी शंकर सिंह टैक्सी चालक और 102 एंबुलेंस सेवा में वर्षों कार्य कर चुके हैं। 2023 में योजना की जानकारी मिलते ही उन्होंने आवेदन किया और 2025 से उनका वाहन सरकारी विभाग में तैनात हो गया।

उन्होंने बताया—
“अब आय नियमित है, परिवार का भविष्य सुरक्षित महसूस होता है।”

रमेश कुमार: अब हर महीने 20 हजार तक बचत

हमीरपुर के रमेश कुमार भी लंबे समय तक टैक्सी चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। योजना में आवेदन के बाद 2025 से उनका ई-वाहन भी सरकारी विभाग में लग गया।

उन्होंने कहा—
“पहले गुज़ारा मुश्किल था, अब हर महीने अच्छी बचत हो रही है।”

युवाओं के लिए सुनहरा अवसर

दोनों लाभार्थियों ने कहा कि यह पहली ऐसी योजना है जिसमें—

  • 50% राज्य सब्सिडी

  • सरकारी विभागों में सीधे अटैचमेंट

  • निश्चित मासिक आय की गारंटी
    जैसे लाभ उपलब्ध हैं।

इन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस योजना का अधिकतम लाभ उठाएँ।

प्रशासन की प्रतिबद्धता

जिला रोजगार अधिकारी राजेश मैहता ने बताया कि बिलासपुर में अब तक 16 लाभार्थियों को ई-टैक्सी प्रदान की गई है और 1,16,44,900 रुपये की सरकारी सब्सिडी दी जा चुकी है।

उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य है कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र युवाओं तक समयबद्ध पहुँचे, ताकि वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।