उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा की अध्यक्षता में आज जिला उपायुक्त कार्यालय के सभागार कक्ष में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला किन्नौर में नशे की रोकथाम तथा इसके दुष्प्रभावों को लेकर लोगों को जागरूक करने हेतु बनाई गई कार्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही “चिट्टा मुक्त हिमाचल” मुहिम के अंतर्गत 24 दिसंबर 2025 को जिला मुख्यालय रिकांग पिओ में एक मैराथन दौड़ का आयोजन किया जाएगा। इस मैराथन के माध्यम से युवाओं को चिट्टा जैसे जानलेवा नशे से दूर रहने के लिए जागरूक किया जाएगा, ताकि युवा पीढ़ी स्वस्थ रह सके और एक सशक्त समाज का निर्माण संभव हो सके।
डॉ. अमित कुमार शर्मा ने पुलिस, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को आपसी समन्वय को और मजबूत करने के निर्देश दिए, ताकि जिला में नशे को जड़ से समाप्त किया जा सके। उन्होंने पुलिस विभाग को खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर ठोस कार्य योजना बनाकर ज़मीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए, जिससे जिला किन्नौर में चिट्टा जैसे खतरनाक नशे के अवैध कारोबार पर पूर्णतः अंकुश लगाया जा सके।
उन्होंने बताया कि नशे की लत से ग्रस्त युवाओं के लिए पुनर्वास और संवेदीकरण पर विशेष बल दिया जा रहा है। इसी दिशा में जिला के कल्पा में शीघ्र ही नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित किया जाएगा। इस केंद्र का उद्देश्य युवाओं को कौशल विकास से जोड़कर समाज की मुख्यधारा में लाना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकें। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक किन्नौर सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि नशे के खिलाफ पुलिस विभाग द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। खुफिया विभाग के सहयोग से नशा तस्करों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है, साथ ही पुलिस नाकों के माध्यम से नशे की तस्करी पर रोक लगाने के लिए निरंतर अभियान चलाया जा रहा है।
बैठक की कार्यवाही का संचालन जिला कल्याण अधिकारी नितिन राणा ने किया और नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जिले में चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी दी। बैठक में उपमंडलाधिकारी कल्पा अमित कल्थाईक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी किन्नौर डॉ. राकेश कुमार नेगी, उप निदेशक प्रारंभिक डॉ. अरुण कुमार गौतम, जिला पंचायत अधिकारी संजय तोमर, आबकारी एवं कराधान अधिकारी ऋषभ कुमार सहित अन्य विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
