भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार ने नई दिल्ली स्थित संसद भवन परिसर में भारत रत्न, श्रद्धेय बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के 70वें महापरिनिर्वाण दिवस पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का जीवन सामाजिक उत्थान, समानता, श्रमिक कल्याण और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष का प्रतीक है। उनका विचार आज भी समाज को दिशा प्रदान कर रहा है।
“बाबा साहेब आधुनिक भारत के महान शिल्पकार” — डॉ. सिकंदर
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब केवल भारत के संविधान निर्माता ही नहीं थे, बल्कि: महान विधिवेत्ता,अर्थशास्त्री,दार्शनिक,समाज सुधारक,और एक प्रखर राष्ट्र निर्माणकर्ता भी थे। उनके प्रयासों ने भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत आधार दिया और ऐसा राष्ट्र गढ़ने में अहम भूमिका निभाई, जहां सभी नागरिकों को समान अवसर और गरिमा सुनिश्चित हो। डॉ. सिकंदर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार भी बाबा साहेब की विचारधारा—सामाजिक न्याय, समानता और सबका विकास—को आगे बढ़ा रही है।
यूनेस्को मुख्यालय में अंबेडकर की प्रतिमा — भारत का वैश्विक गौरव
उन्होंने बताया कि 27 नवंबर 2025 को पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में भारत के संविधान की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर बाबा साहेब अंबेडकर की आवक्ष प्रतिमा का अनावरण किया गया। यह केवल एक श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि विश्व मंच पर न्याय, समानता और मानव गरिमा के सार्वभौमिक सिद्धांतों की स्थापना है।
श्रमिकों और वंचित वर्गों के लिए अंबेडकर का संघर्ष
डॉ. सिकंदर ने कहा कि बाबा साहेब ने अपने जीवन भर श्रमिकों, किसानों, दलितों और शोषित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उन्होंने:जीवन निर्वाह मजदूरी, श्रमिकों की कार्य स्थितियाँ,सामाजिक सुरक्षा,किसानों की मुक्ति के लिए लगातार आवाज उठाई। अंबेडकर द्वारा लाए गए विभिन्न श्रम कानून आज भी लाखों श्रमिकों के लिए सुरक्षा कवच हैं। इनमें औद्योगिक विवाद विधेयक, मातृत्व लाभ, कामगार मुआवजा, बॉयलर संशोधन आदि प्रमुख हैं।
“सामाजिक न्याय ही राष्ट्र की असली पहचान”
अंत में डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि बाबा साहेब का संदेश—सामाजिक न्याय, समानता और बंधुत्व—एक सशक्त राष्ट्र की रीढ़ है। भाजपा इन्हीं सिद्धांतों के साथ “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के मार्ग पर आगे बढ़ रही है।
