शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज कोटखाई उपमंडल के अडेवग में आयोजित डोम देवता खांटा के देव शांत यज्ञ में शिरकत कर देवता का आशीर्वाद लिया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उल्लेखनीय है कि यह ऐतिहासिक देव शांत आयोजन लगभग 56 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आयोजित किया जा रहा है। इस शांत यज्ञ में क्षेत्र के चार प्रमुख देवताओं की सहभागिता रही, जिनमें कोटेश्वर महादेव मिहणी, डोम देवता खांटा बश्नोग, नाग देवता भमराड़ा, काली माता टिकरी हिमरी तथा खूंद थनाल गांव थाना शामिल हैं।
रोहित ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को देवभूमि कहा जाता है और यहां की देव संस्कृति का अपना विशिष्ट और अद्वितीय स्वरूप है, जो विश्व में कहीं और देखने को नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मनाए जाने वाले देव मेले, पर्व और अनुष्ठान हमारी जीवंत सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक अनुष्ठान हमारी देव संस्कृति को संजोने और भावी पीढ़ियों तक सुरक्षित रखने का माध्यम हैं। युवाओं से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक और आधुनिक युग में आगे बढ़ते हुए भी हमें अपनी मूल संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहना चाहिए, क्योंकि यही हमारी पहचान और सामाजिक एकता का आधार हैं।
इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जुब्बल-नावर-कोटखाई के अध्यक्ष मोती लाल डेरटा, एल.एम.बी. बैंक के निदेशक देविंदर नेगी, कांग्रेस जोन प्रभारी प्रताप चौहान, रविन्द्र चौहान, एसडीएम कोटखाई, विभिन्न विभागों के अधिकारी, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, कांग्रेस कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
