वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु कृषि सहायता दरें तय

rakesh nandan

13/01/2026

उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में जिला स्तरीय तकनीकी समिति की बैठक मंगलवार को आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न विभागों के अंतर्गत दी जाने वाली वित्तीय सहायता का स्केल निर्धारित किया गया। बैठक में कृषि विभाग, बागवानी विभाग, मत्स्य विभाग और पशुपालन विभाग से संबंधित वित्तीय सहायता की दरों पर विस्तार से चर्चा की गई। तय किए गए स्केल को अब राज्य स्तरीय तकनीकी समिति की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण किसानों को लगातार फसलों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ वैकल्पिक फसलों की ओर भी रुख करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुष्प कृषि पहाड़ी राज्यों में एक बेहतरीन विकल्प के रूप में उभर रही है और जिले में कई किसान इसे अपनाकर अपनी आय बढ़ा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि कृषि विभाग के अंतर्गत प्रति एकड़ की दर से आलू, फूलगोभी, मटर, गोभी, गेहूं, धान, मक्की, टमाटर, जौ, दालें, अदरक और लहसुन जैसी फसलों को शामिल किया गया है। वहीं बागवानी विभाग के तहत सेब, कीवी, चेरी, आम, अनार, जापानी फल, चकोतरा और स्टोन फ्रूट जैसी फसलों के लिए नई दरें निर्धारित की गई हैं। बैठक में एसी टू डीसी देवी चंद ठाकुर सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। उपायुक्त ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है।