नशामुक्ति को जनआंदोलन बनाने की तैयारी
जिला स्तरीय नार्को समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष में नशामुक्ति को लेकर व्यापक, बहुस्तरीय और परिणामोन्मुख रणनीति अपनाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जागरूकता, आपूर्ति पर नियंत्रण, मांग में कमी, पुनर्वास सहयोग तथा कड़ी कानूनी कार्रवाई को एक साथ लेकर समन्वित अभियान चलाया जाएगा।
स्कूलों में मासिक नशामुक्ति कार्यक्रम
उपायुक्त ने बताया कि नशे की रोकथाम को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा। इसके तहत जिले के सभी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों, निजी एवं सरकारी महाविद्यालयों और पंचायत स्तर पर चरणबद्ध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक विद्यालय में प्रति माह कम से कम एक नशामुक्ति कार्यक्रम अनिवार्य रूप से आयोजित किया जाएगा और इसकी नियमित समीक्षा की जाएगी। पंचायत और शहरी निकायों में वार्ड स्तर पर नशा निवारण समितियों का गठन भी किया जा चुका है।
स्वास्थ्य विभाग तैयार करेगा वार्षिक कैलेंडर
स्वास्थ्य विभाग के डॉ. पवनेश ने जानकारी दी कि आगामी वित्तीय वर्ष में वर्षभर नशा जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य, कल्याण और शिक्षा विभाग मिलकर विद्यालयों के लिए वार्षिक जागरूकता कैलेंडर तैयार करें, ताकि अभियान निरंतर और सुनियोजित ढंग से संचालित हो।
पुलिस की सख्त कार्रवाई: 56 मामले, 84 गिरफ्तार
बैठक में पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि जनवरी और फरवरी माह के दौरान एनडीपीएस अधिनियम के तहत कुल 56 मामले दर्ज किए गए और 84 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
इनमें शामिल हैं:
अफीम डोडा के 2 मामले
हेरोइन के 19 मामले
चरस के 31 मामले
प्रतिबंधित दवाओं के 4 मामले
जब्ती के प्रमुख आंकड़े
पुलिस के अनुसार:
जनवरी में 172.27 ग्राम हेरोइन जब्त
फरवरी में 33.127 ग्राम हेरोइन बरामद
जनवरी में 10.451 किलोग्राम चरस
फरवरी में 3.803 किलोग्राम चरस
जनवरी में 138.165 किलोग्राम पोस्त का चूरा जब्त
ये आंकड़े जिले में नशे के विरुद्ध चल रही सख्त कार्रवाई को दर्शाते हैं।
अवैध संपत्ति पर कार्रवाई
वित्तीय वर्ष 2025-26 में एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत वित्तीय जांच से जुड़े 15 मामले दर्ज किए गए हैं।
34 मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं।
3 मामलों में अवैध संपत्तियां अटैच
2 मामलों में अटैचमेंट प्रक्रिया जारी
18 मामलों को एडवाइजरी बोर्ड को भेजा गया है, जबकि वर्ष 2026 में अब तक 5 नए मामले प्रेषित किए गए हैं, जिनमें से 4 में डिटेंशन आदेश जारी हो चुके हैं।
जीरो टॉलरेंस नीति
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि जीरो टॉलरेंस नीति के तहत नशीले पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी। आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग से अनुसंधान को सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि न्यायालय में दोष सिद्धि सुनिश्चित की जा सके।