जिला सिरमौर में आपदा के कारण हुए नुकसान और राहत कार्य की समीक्षा बैठक नाहन स्थित बचत भवन में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता उद्योग, संसदीय मामले एवं श्रम एवं रोजगार मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने की। इस बैठक में हिमाचल प्रदेश विधान सभा उपाध्यक्ष विनय कुमार, विधायक पांवटा साहिब सुखराम चौधरी, विधायक पच्छाद रीना कश्यप और विधायक नाहन अजय सोलंकी उपस्थित रहे।
क्षति का आकलन
उद्योग मंत्री ने कहा कि जिले में मानसून के कारण लगभग 230 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने अधिकारियों को आपदा के सही आंकलन के लिए सक्रियता से कार्य करने का निर्देश दिया।
सड़क और स्वास्थ्य संस्थान
लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय उच्च मार्ग के अधिकारियों को अवरुद्ध मार्गों को खोलने और क्षतिग्रस्त सड़कों को शीघ्रता से दुरुस्त करने हेतु निर्देशित किया गया। इसके साथ ही, स्वास्थ्य और शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए।
आपदा प्रबंधन
मंत्री ने इस आपदा के समय सभी से एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया। बैठक का उद्देश्य सभी चुने हुए प्रतिनिधियों से उनकी क्षेत्र में हुई आपदा की जानकारी लेना और राहत कार्यों की समीक्षा करना था।
आपदा संबंधित घटनाएं
बैठक में बताया गया कि 20 जून से 9 सितंबर, 2025 तक, जिला सिरमौर में 10 पक्के और 12 कच्चे घर पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं; 51 पक्के और 40 कच्चे घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं। इसके अलावा, 90 गौशालाएं, 4 दुकानें, और 44 पशुधन का नुकसान हुआ।
आर्थिक नुकसान
वर्ष 2025 में मानसून के कारण अन्य विभिन्न विभागों को लगभग **170 करोड़ रुपये** का नुकसान हुआ है। राज्य आपदा राहत कोष के माध्यम से अब तक **12 करोड़ 74 लाख रुपये** विभिन्न आपदा संबंधित कार्यों पर व्यय किए जा चुके हैं।
आपदा प्रबंधन सम्बन्धी सुविधाएं
खोज एवं बचाव तहसील ददाहु के कुब्जा पवेलियन में राष्ट्रीय आपदा बचाव बल स्थापित किया गया है, और आपदा से निपटने हेतु त्वरित प्रतिक्रिया दल भी बनाए गए हैं।
आपातकालीन परिचालन केंद्र जिला में आपदा संबंधित घटनाओं के लिए **24×7 जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र स्थापित है, और टोल फ्री नंबर 1077 पर संपर्क किया जा सकता है।
उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा ने बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि जिला में आपदा से हुई क्षति का सही आंकलन कर प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत उपलब्ध करवाई जाएगी।