अतिरिक्त उपायुक्त ओमकांत ठाकुर ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अंतर्गत ग्राम पंचायत भड़ोली कलां में आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का निरीक्षण किया। यह कार्यशाला 17 से 22 दिसंबर 2025 तक आयोजित की गई, जिसमें मिस्त्री, कारपेंटर (बढ़ई) तथा वायर वाइंडर से संबंधित कारीगरों को मजबूत, सुरक्षित एवं आपदा-रोधी आवास निर्माण का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त ने प्रशिक्षण मॉड्यूल, व्यावहारिक अभ्यास तथा निर्माण से जुड़ी तकनीकी प्रक्रियाओं की समीक्षा की और प्रतिभागियों से संवाद कर भूकंप-रोधी निर्माण तकनीकों की उनकी समझ का आकलन किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र है, ऐसे में वैज्ञानिक, तकनीकी और सुरक्षा-आधारित निर्माण पद्धतियों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। प्रशिक्षित कारीगर प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जान-माल की क्षति को न्यूनतम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में धानी, सलवाड़, जेजवीं, कलोल, भड़ोली कलां तथा पपलोआ पंचायतों से आए प्रतिभागियों ने भाग लिया। उन्हें सुरक्षित भवन निर्माण, निर्माण सामग्री का सही चयन एवं उपयोग, संरचनात्मक मजबूती तथा आपदा-रोधी मानकों की व्यावहारिक जानकारी दी गई।इस अवसर पर एसडीएम झंडूत्ता, बीडीओ झंडूत्ता तथा ब्लॉक झंडूत्ता के प्रशिक्षक कनिष्ठ अभियंता (जेई) भी उपस्थित रहे और प्रतिभागियों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया। अधिकारियों ने बताया कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के माध्यम से इस प्रकार के क्षमता-विकास कार्यक्रम ग्रामीण स्तर पर सुरक्षित आवास निर्माण को बढ़ावा देने के साथ-साथ समुदाय की आपदा-तैयारी को भी मजबूत कर रहे हैं।जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भविष्य में निरंतर प्रशिक्षण, जन-जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से आपदा प्रबंधन तंत्र को और सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि जिले में सुरक्षित, लचीला और सतत विकास सुनिश्चित किया जा सके।
