पालकवाह में आपदा तैयारी केंद्र का शुभारंभ

rakesh nandan

17/03/2026

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के पालकवाह में “हिमाचल प्रदेश सेंटर ऑफ डिजास्टर प्रीपेयर्डनेस एंड रेजिलियेंस” कार्यालय के संचालन के साथ हरोली विधानसभा क्षेत्र के विकास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। इस केंद्र का लोकार्पण उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री द्वारा कौशल विकास केंद्र पालकवाह में किया गया।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह केंद्र प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं से निपटने के लिए प्रदेश की तैयारियों को मजबूत करेगा। उन्होंने बताया कि इस कार्यालय के माध्यम से भूकंप, बाढ़, भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ अन्य आपात स्थितियों में त्वरित बचाव, राहत कार्य और प्राथमिक चिकित्सा के लिए जवानों और आम नागरिकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण में आधुनिक बचाव तकनीकों के साथ-साथ सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) जैसी जीवन रक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके अलावा नियमित मॉक ड्रिल आयोजित की जाएंगी, जिससे आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके। इस केंद्र से न केवल जिला ऊना बल्कि आसपास के जिलों को भी लाभ मिलेगा।

लोकार्पण के बाद कौशल विकास केंद्र के ऑडिटोरियम में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) द्वारा एक दिवसीय आपदा प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बरसात के मौसम में स्वां नदी ऊना जिले के लिए एक बड़ी समस्या हुआ करती थी।

उन्होंने जानकारी दी कि जिला ऊना में लगभग 1500 करोड़ रुपये की लागत से स्वां नदी और इसकी सहायक खड्डों का तटीयकरण किया गया है। इसमें से 922 करोड़ रुपये की लागत से हरोली विधानसभा क्षेत्र के घालूवाल से बाथड़ी तक स्वां नदी का चैनलाइजेशन किया गया। इस परियोजना से न केवल बाढ़ के खतरे को कम किया गया, बल्कि हजारों एकड़ भूमि को पुनः उपयोग में लाया गया, जहां आज खेती की जा रही है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार की परियोजनाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम आपदा प्रबंधन की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। उन्होंने युवाओं, विशेषकर छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लें और अपने अंदर साहस, आत्मविश्वास और आपात स्थितियों से निपटने की क्षमता विकसित करें।

उन्होंने कमांडेंट जनरल होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा सतवंत अटवाल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में युवाओं, विशेषकर बेटियों में पुलिस और सुरक्षा सेवाओं के प्रति रुचि बढ़ रही है। सरकार भी महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यशाला के दौरान उपमुख्यमंत्री ने SDRF टीम को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर बधाई दी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 9 से 11 मार्च तक आयोजित इस प्रतियोगिता में देशभर की 30 टीमों ने भाग लिया था। इस प्रतियोगिता में SDRF टीम ने मात्र 41 मिनट में कार्य पूरा कर अपनी दक्षता और उत्कृष्टता का परिचय दिया और पहला स्थान हासिल किया।

इस अवसर पर कमांडेंट जनरल होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा सतवंत अटवाल ने कहा कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल एक मजबूत और सक्षम इकाई है, जो 24 घंटे आपदा की स्थिति में तत्पर रहती है। यह बल घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचकर लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करता है और राहत एवं बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उन्होंने बताया कि SDRF के जवानों को विशेष शारीरिक प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरणों और मानसिक दृढ़ता के साथ तैयार किया जाता है, ताकि वे किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना कर सकें।

कार्यक्रम के दौरान आपदा प्रबंधन में उत्कृष्ट सेवा देने वाले SDRF, होमगार्ड, सिविल डिफेंस वालंटियर्स और युवा आपदा मित्रों को सम्मानित भी किया गया। इसके साथ ही फायर, होमगार्ड और SDRF के जवानों द्वारा भूकंप, सीपीआर और फायर सेफ्टी से संबंधित डेमो भी प्रस्तुत किए गए, जिससे उपस्थित लोगों को व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई।

यह केंद्र प्रदेश की आपदा प्रबंधन क्षमता को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और भविष्य में किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करेगा।