धर्मशाला में सुक्खू ने एंटी-चिट्टा वॉकथॉन का नेतृत्व किया

rakesh nandan

01/12/2025

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रविवार को धर्मशाला में आयोजित एंटी-चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन का नेतृत्व किया। यह वॉकथॉन दाड़ी ग्राउंड से शुरू होकर पुलिस ग्राउंड में संपन्न हुआ, जिसमें हजारों स्कूली विद्यार्थियों सहित समाज के विभिन्न वर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे मार्ग में बच्चे नशा-विरोधी नारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। मुख्यमंत्री स्वयं बच्चों के साथ पैदल चले और कई स्थानों पर उनसे बातचीत कर उन्हें नशा-मुक्त हिमाचल अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। पुलिस ग्राउंड पहुंचने पर उन्होंने चिट्टा तस्करों को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि— “देवभूमि में नशा माफिया के लिए कोई स्थान नहीं है। यह नया हिमाचल है—चिट्टे की अंतिम बूंद तक लड़ाई जारी रहेगी।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्षों तक PIT & NDPS Act लागू नहीं किया गया था, जबकि वर्तमान सरकार ने इसे प्रभावी ढंग से लागू करते हुए 46 बड़े तस्करों को हिरासत में लिया है। उन्होंने यह भी बताया कि 46 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की जा चुकी है और नशे से कमाए गए हर अवैध पैसे पर कार्रवाई जारी है।

नशा माफिया पर अब निर्णायक प्रहार: CM

सीएम सुक्खू ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ तस्करों के खिलाफ नहीं, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क को खत्म करने का मिशन है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो भी युवाओं को नशे की ओर धकेलेगा “वह सीधे जेल जाएगा और उसका खेल खत्म होगा।” उन्होंने बताया कि ANTF, STF, पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय विभाग मिलकर मिशन मोड में काम कर रहे हैं और प्रदेश के नागरिक भी इस लड़ाई में पूरी मजबूती से साथ खड़े हैं।

चिट्टा तस्करी की सूचना पर इनाम

मुख्यमंत्री ने कहा कि तस्करी की सूचना देने वालों को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार ने बड़ी घोषणा की है—

  • 2 ग्राम तक: ₹10,000

  • 5 ग्राम: ₹25,000

  • 25 ग्राम: ₹50,000

  • 1 किलो: ₹5,00,000

  • 1 किलो से अधिक: ₹10,00,000

  • बड़े गैंग की सूचना: ₹5 लाख से अधिक पुरस्कार

उन्होंने बताया कि नशा तस्करी से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए 112 नंबर जारी किया गया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं को नशा निवारण की शपथ दिलाई। गुब्बारों और पैराग्लाइडर के माध्यम से भी नशा-विरोधी संदेश प्रसारित किए गए। इस अवसर पर कृषि मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार, आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, एचपीटीडीसी अध्यक्ष आर.एस. बाली, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, डीजीपी अशोक तिवारी समेत कई विधायक, अधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित रहे।