उपायुक्त सिरमौर अनुपम कश्यप ने ठियोग उपमंडल में राजस्व अधिकारियों और फील्ड स्टाफ के साथ बैठक कर विभिन्न राजस्व कार्यों की प्रगति और कमियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक उपमंडल में पटवारियों और राजस्व स्टाफ के साथ नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि कार्यों में गति लाई जा सके और जनहित से जुड़े मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित हो।
🔹 भूमिहीनों के आवेदन पटवारियों तक न पहुंचना गंभीर
उपायुक्त ने चिंता जताई कि भूमिहीन लोगों के आवेदन पटवारियों तक नहीं पहुंच रहे, जबकि बड़ी संख्या में आवेदन उपायुक्त कार्यालय में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह समझना पटवारियों की जिम्मेदारी है कि आवेदन उनके पास क्यों नहीं पहुंच रहे। इसके अलावा, जब पटवारियों से पूछा गया कि सरकारी विभागों के नाम कितनी भूमि दर्ज है, तो अधिकांश संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए। DC ने निर्देश दिए कि अप्रयुक्त सरकारी भूमि की पहचान कर उसे भूमिहीन लोगों को उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाए।
🔹 आपदा राहत पैकेज निरीक्षण में लापरवाही
DC ने विशेष आपदा राहत पैकेज–2023 के तहत प्रभावितों के घरों के निरीक्षण की रिपोर्ट मांगी और पाया कि अधिकांश पटवारियों ने मौके का निरीक्षण नहीं किया है।
उन्होंने कहा—
323 घरों में से 98% का निरीक्षण नहीं हुआ
केवल दो पटवारी ही रोज़नामचा में निरीक्षण दर्ज दिखा पाए
उपायुक्त ने कड़े निर्देश दिए कि—
दो सप्ताह के भीतर सभी प्रभावित घरों का निरीक्षण किया जाए
रिपोर्ट समय पर भेजी जाए
देरी या लापरवाही पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी
🔹 धारा-118 म्यूटेशन और रिकॉर्ड अपडेट करने के निर्देश
DC अनुपम कश्यप ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर—
धारा-118 के अंतर्गत म्यूटेशन की स्थिति की रिपोर्ट
भूमिहीन लोगों का संपूर्ण रिकॉर्ड
उपायुक्त कार्यालय को भेजना होगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तातिमा काटने की हर एंट्री रिकॉर्ड में होनी चाहिए, अन्यथा सीधे कार्रवाई होगी।
🔹 पटवारियों का लंबरदारों की जानकारी न होना चिंताजनक
बैठक में जब उपायुक्त ने अपने-अपने सर्कल के लंबरदारों के नाम पूछे, तो कई पटवारी उत्तर नहीं दे पाए।
इस पर DC ने नाराजगी जताते हुए कहा—
“लंबरदार राजस्व व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। पटवारियों को यदि इनके नाम तक न पता हों, तो यह गंभीर उदासीनता का संकेत है।”
🔹 स्कूल निरीक्षण और वरिष्ठ नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता
DC ने निर्देश दिया कि पटवारी—
स्कूलों में मिड-डे मील का औचक निरीक्षण करें
बच्चों के शौचालयों की स्थिति की रिपोर्ट दें
वरिष्ठ नागरिकों के कार्य प्राथमिकता से करें, ताकि उन्हें कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें
🔹 आपदा के समय पटवारी की रिपोर्ट अत्यंत महत्वपूर्ण
उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन में पटवारियों की फील्ड रिपोर्ट सबसे महत्वपूर्ण स्रोत होती है।
भूमि रिकॉर्ड, प्रमाण पत्र निर्गमन, म्यूटेशन नियंत्रण तथा भू-राजस्व प्रबंधन को तेज़ी से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में एडीएम प्रोटोकॉल ज्योति राणा, एसडीएम ठियोग डॉ. शशांक गुप्ता, जिला राजस्व अधिकारी सुमेध शर्मा, नायब तहसीलदार, कानूनगो और पटवारी उपस्थित रहे।