उपायुक्त अमरजीत सिंह ने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को जिले में पेयजल की स्वच्छता एवं गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने तथा फील्ड में अधिक से अधिक सैंपलिंग एवं टेस्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। वे शुक्रवार को जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन (डीडब्ल्यूएसएम) की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उपायुक्त ने कहा कि पेयजल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए पंचायत जनप्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थानों तथा ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समितियों की सक्रिय भूमिका अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जल शक्ति विभाग नियमित रूप से पानी के सैंपल ले रहा है और इसके अतिरिक्त जिले के सभी सीनियर सेकेंडरी एवं हाई स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, ग्राम पंचायतों तथा लगभग 1575 ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समितियों को फील्ड टेस्टिंग किट्स उपलब्ध करवाई गई हैं।
उन्होंने कहा कि इन किट्स के माध्यम से पानी की जांच सरलता से की जा सकती है, इसलिए सभी संबंधित संस्थानों और समितियों को इनका नियमित उपयोग करना चाहिए, ताकि जल जनित रोगों की रोकथाम सुनिश्चित हो सके और जिले में उच्च गुणवत्ता का पेयजल उपलब्ध रहे। अमरजीत सिंह ने पारंपरिक जल स्रोतों की नियमित सफाई पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पेयजल योजनाओं के स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनी रहनी चाहिए। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और ठोस कचरा संयंत्रों के संचालन में भी सभी मानकों का पालन आवश्यक है। इसके साथ ही शिक्षण संस्थानों, सार्वजनिक स्थलों और घरों की पानी की टंकियों की समय-समय पर सफाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
बैठक में डीडब्ल्यूएसएम के सचिव एवं जल शक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता राकेश गर्ग ने मिशन की गतिविधियों और पेयजल टेस्टिंग की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर डीआरडीए परियोजना अधिकारी अस्मिता ठाकुर, उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक डॉ. मोही राम चौहान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
