उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने जिला के सभी राजस्व अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध पूर्ण करें और राजस्व सेवाओं का त्वरित निपटारा सुनिश्चित बनाएं। बचत भवन बिलासपुर में आयोजित जिला स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि राजस्व कार्यों में देरी सीधे आम जनता को प्रभावित करती है, इसलिए त्वरित कार्रवाई आवश्यक है। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे, जबकि बैठक का संचालन जिला राजस्व अधिकारी निलाक्ष शर्मा ने किया।
उपायुक्त ने सभी एसडीएम, तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को आपदा राहत से संबंधित मामलों का शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को समय पर राहत प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज और कागजी कार्रवाई पूरी सटीकता और तेजी से की जानी चाहिए। इस संदर्भ में उन्होंने राजस्व अधिकारियों को कानूनगो और पटवारियों के साथ नियमित बैठकें आयोजित करने को कहा।
राहुल कुमार ने प्रतिमाह आयोजित होने वाली राजस्व अदालतों में अधिक से अधिक मामलों के समाधान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि म्यूटेशन, निसानदेही, तकसीम-खानगी, अवैध कब्जों और अन्य राजस्व मामलों में शत-प्रतिशत निपटारा सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने राजस्व कार्यों में तेजी लाने के लिए ई-ऑफिस, बेसिक रेवेन्यू और कंप्यूटर संचालन से संबंधित जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित करने के भी निर्देश दिए।
राजस्व कार्यालयों के निर्माण एवं मरम्मत के कार्यों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि उपमंडल स्तर पर चल रहे सभी निर्माण कार्य समयबद्ध पूर्ण किए जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
बैठक के दौरान जिला का वार्षिक पर्यटन कैलेंडर तैयार करने की दिशा में भी चर्चा की गई। उपायुक्त ने कहा कि सभी राजस्व अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों के मेले, त्योहार और पारंपरिक आयोजनों की जानकारी प्रशासन को उपलब्ध करवाएं, जिससे आने वाले पर्यटकों को सुविधाजनक जानकारी मिल सके।
बैठक में जमाबंदी दौर, आपदा राहत मामलों, भू-स्वामियों की भूमि को आधार से जोड़ने सहित अन्य महत्वपूर्ण राजस्व मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक में सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और जिला के अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।