सुन्नी उपमंडल में उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने पटवारियों के साथ विशेष समीक्षा बैठक कर राजस्व कार्यों में पारदर्शिता और फील्ड उपस्थिति को लेकर कड़ी हिदायतें दीं। निरीक्षण में पता चला कि कई सर्कलों में दो साल से निशानदेही लंबित थी, जबकि खटनोल कानूनगो हल्के में दो वर्षों में केवल एक सम्मन जारी हुआ था। डीसी ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सभी पटवारियों को 10 दिनों के भीतर लंबित मामलों की रिपोर्ट देने को कहा। उन्होंने 12 अनिवार्य रजिस्टर हमेशा अपडेट रखने और बिना एंट्री कोई भी राजस्व कार्य न करने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी सामने आया कि कुछ लोग बिना नियुक्ति पत्र अपने आपको लंबरदार बता रहे थे। डीसी ने सभी पटवारियों को सर्कल में लंबरदारों की नियुक्ति की जांच कर फर्जी पाए जाने वालों पर तुरंत कार्रवाई करने के आदेश दिए। स्टेशन परित्याग, अनियमित उपस्थिति और बिना अनुमति ड्यूटी छोड़ने पर डीसी ने CCS नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने ग्राम सभाओं में कानूनगो–पटवारी की उपस्थिति अनिवार्य करने, ‘चिल्ड्रन ऑफ स्टेट’ डेटा अपडेट करने और चिट्टा-मुक्त हिमाचल अभियान में सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। बैठक के बाद डीसी ने ग्रामीण राजस्व कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर रजिस्टरों व रिकॉर्ड का जायजा लिया और सुधार के निर्देश दिए।