उपायुक्त कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में आज जिला राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता Dr. Amit Kumar Sharma, उपायुक्त किन्नौर, ने की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य राजस्व विभाग से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा करना और उनके शीघ्र एवं पारदर्शी निस्तारण के लिए दिशा-निर्देश जारी करना था।
पोर्टल, म्यूटेशन और हिमभूलेख मामलों पर जोर
उपायुक्त ने पोर्टल, म्यूटेशन, हिमभूलेख तथा कन्वर्जन ऑफ रेवेन्यू एज से संबंधित लंबित मामलों के त्वरित निपटान पर विशेष बल दिया।
उन्होंने निर्देश दिए कि राजस्व न्यायालयों से जुड़े प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और समयबद्धता प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
ऑनलाइन सेवाओं की समीक्षा
बैठक में राजस्व विभाग के विभिन्न ऑनलाइन पोर्टलों की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई, जिनमें शामिल हैं:
आर.एम.एस. पोर्टल
ई-डिस्ट्रिक्ट (हिमाचल ऑनलाइन सेवा)
ई-हिमभूमि
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि नागरिकों को इन पोर्टलों के माध्यम से ऑनलाइन म्यूटेशन अनुरोध दर्ज करने, नकल जमाबंदी की सत्यापित प्रति प्राप्त करने और अन्य राजस्व सेवाओं का लाभ सरल एवं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जाए।
राहत एवं पुनर्वास मामलों को प्राथमिकता
डॉ. अमित कुमार शर्मा ने राहत एवं पुनर्वास योजनाओं के अंतर्गत लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सभी राहत प्रकरणों को योजनानुसार ऑनलाइन दर्ज कर समयबद्ध तरीके से निष्पादित किया जाए, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और लाभार्थियों को समय पर सहायता मिल सके।
डेटा मिलान और आधार सीडिंग
बैठक में आर.एम.एस. पोर्टल के आंकड़ों का न्यायालयीन मामलों के डेटा के साथ मिलान (मैचिंग) सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई।
साथ ही रिकॉर्ड ऑफ राइट्स तथा आधार सीडिंग की प्रगति की समीक्षा की गई।
संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी लंबित कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
स्वामित्व योजना और ग्राउंड ट्रुथिंग
उपायुक्त ने स्वामित्व योजना के अंतर्गत प्राप्त ग्रामीण आबादी (पैका) की ग्राउंड ट्रुथिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नियमानुसार अधिकार अभिलेख तैयार कर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वामित्व संबंधी अभिलेखों को अद्यतन किया जाए।
इससे ग्रामीण नागरिकों को भूमि संबंधी अधिकारों की स्पष्टता प्राप्त होगी।
माइनर इरीगेशन सैस कार्यों की प्रगति
बैठक में माइनर इरीगेशन सैस से संबंधित कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इन कार्यों को शीघ्र पूर्ण कर अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस अवसर पर Ravindra Singh Thakur, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी पूह,
Narayan Singh Chauhan, उपमंडलाधिकारी (ना.) निचार,
Amit Kalthaik, उपमंडलाधिकारी कल्पा,
Praveen Bhardwaj, जिला राजस्व अधिकारी,
तथा विभिन्न तहसीलों के राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा द्वारा आयोजित यह समीक्षा बैठक राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और समयबद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण, ऑनलाइन सेवाओं की प्रभावी निगरानी तथा स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन से आम नागरिकों को राहत मिलेगी और प्रशासनिक प्रक्रिया में विश्वास सुदृढ़ होगा