उपायुक्त अमरजीत सिंह ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक वर्ग, दिव्यांगजन और सफाई कर्मियों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से शत-प्रतिशत लाभान्वित किया जाए तथा इनके अधिकारों की रक्षा से जुड़े अधिनियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। सोमवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की योजनाओं, अभियानों और अधिनियमों से संबंधित छह जिला स्तरीय समितियों की बैठकों की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने कहा कि कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
🔹 राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999
राष्ट्रीय न्यास अधिनियम के तहत गठित स्थानीय समिति की बैठक में उपायुक्त ने बताया कि मानसिक विकलांगता, ऑटिज्म, सेरीब्रल पाल्सी और बहु-विकलांगता से ग्रस्त व्यक्तियों के लिए 18 वर्ष की आयु के बाद कानूनी संरक्षक की नियुक्ति आवश्यक होती है। जिला में अब तक 206 दिव्यांगजनों के अभिभावकों को कानूनी अभिभावक प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं, जबकि समिति ने 5 नए मामलों को भी मंजूरी दी।
🔹 एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम
अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत दर्ज मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने बताया कि वर्तमान में 26 मामले विभिन्न अदालतों में विचाराधीन हैं, 34 मामलों की कैंसलेशन रिपोर्ट्स लंबित हैं तथा 14 मामलों में पुलिस जांच जारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि जांच और अभियोजन में किसी भी प्रकार की देरी न हो।
🔹 नशा मुक्त भारत अभियान 2.0
नशा मुक्त भारत अभियान 2.0 की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने बताया कि जिला स्तर पर सभी गतिविधियों की रिपोर्टिंग के लिए एक समग्र फॉर्मेट तैयार किया गया है। उन्होंने टॉल-फ्री नंबर 112, ड्रग फ्री हिमाचल ऐप और मानसिक स्वास्थ्य परामर्श के लिए 14416 नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। जिला के सभी स्वास्थ्य खंडों में नशा उपचार के लिए नई दिशा केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं।
🔹 दिव्यांगजन कल्याण
जिला दिव्यांगता समिति की बैठक में बताया गया कि चालू वित्त वर्ष में 5011 दिव्यांगजनों को पेंशन के रूप में 4.44 करोड़ रुपये, 73 दिव्यांग विद्यार्थियों को 6.39 लाख रुपये की छात्रवृत्ति और 7 दिव्यांगों को विवाह अनुदान के रूप में 2 लाख रुपये प्रदान किए गए हैं। उपायुक्त ने कहा कि सभी सार्वजनिक भवनों, परिवहन सेवाओं, अस्पतालों और शौचालयों में दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
🔹 अल्पसंख्यक कल्याण व सफाई कर्मी सुरक्षा
प्रधानमंत्री के नए 15 सूत्रीय कार्यक्रम के तहत अल्पसंख्यक वर्ग के पात्र लाभार्थियों को चिन्हित कर योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए गए। वहीं, हाथ से मैला उठाने वाले सफाई कर्मियों के नियोजन प्रतिषेध एवं पुनर्वास अधिनियम-2013 के तहत कर्मचारियों को सुरक्षा किट, उपकरण और नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। बैठक में जिला कल्याण अधिकारी चमन लाल शर्मा ने योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर एसपी बलवीर सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष बबली देवी, जिला न्यायवादी संदीप अग्निहोत्री, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं समिति के गैर-सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।
