बिलासपुर में किशोरों के लिए साइबर सुरक्षा एसओपी पर बैठक

rakesh nandan

06/03/2026

बिलासपुर में किशोरों की डिजिटल सुरक्षा के लिए साइबर सुरक्षा दिशानिर्देशों पर परामर्श बैठक

बिलासपुर में जिला प्रशासन तथा इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा प्रस्तावित साइबर सुरक्षा दिशानिर्देशों और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बहु-हितधारक परामर्श बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य किशोरों के लिए सुरक्षित डिजिटल वातावरण तैयार करने हेतु विभिन्न संस्थानों और विशेषज्ञों से सुझाव प्राप्त करना था। बैठक में शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग, बाल संरक्षण तंत्र, विद्यालयों के प्रतिनिधियों, अभिभावकों, विद्यार्थियों, नागरिक समाज संगठनों तथा साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों सहित कुल 23 प्रतिनिधियों ने भाग लिया और अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।


किशोरों की डिजिटल सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण

बैठक की अध्यक्षता करते हुए राहुल कुमार, जो कि उपायुक्त एवं इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी बिलासपुर के अध्यक्ष भी हैं, ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में किशोरों की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि किशोरों के लिए साइबर सुरक्षा दिशानिर्देश और एसओपी विकसित करना एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे उन्हें डिजिटल दुनिया में सुरक्षित व्यवहार अपनाने के लिए मार्गदर्शन मिलेगा। उपायुक्त ने इस प्रक्रिया में तकनीकी सहयोग प्रदान करने वाली संस्थाओं मातृसुधा और इंडिपेंडेंट थॉट नई दिल्ली की भी सराहना की।


तकनीकी संस्थानों से भी लिए जाएंगे सुझाव

उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि साइबर सुरक्षा से जुड़े दिशानिर्देश तैयार करते समय केवल वर्तमान परिस्थितियों को ही नहीं, बल्कि भविष्य में आने वाली तकनीकों को भी ध्यान में रखना आवश्यक है।

उन्होंने सुझाव दिया कि इस कार्य में प्रदेश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों से भी सुझाव लिए जाने चाहिए, जिनमें शामिल हैं:

  • भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी

  • राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर

  • भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान ऊना

इन संस्थानों के विशेषज्ञ भविष्य में विकसित होने वाली तकनीकों और उनके संभावित प्रभावों के बारे में महत्वपूर्ण सुझाव दे सकते हैं।


अन्य जिलों के लिए भी बन सकता है मॉडल

इस अवसर पर ओम कांत ठाकुर, जो कि साइबर सुरक्षा दिशानिर्देश और एसओपी ड्राफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष भी हैं, ने कहा कि जिला प्रशासन की यह पहल न केवल बिलासपुर जिले के किशोरों के लिए उपयोगी होगी बल्कि भविष्य में यह अन्य जिलों और राज्यों के लिए भी एक मॉडल के रूप में सामने आ सकती है।

उन्होंने बताया कि तैयार किए जा रहे दिशानिर्देशों में विभिन्न संस्थाओं की स्पष्ट जिम्मेदारियां निर्धारित की जाएंगी।

इनमें शामिल होंगे:

  • विद्यालय प्रशासन

  • अभिभावक

  • पुलिस विभाग

  • अन्य संबंधित संस्थाएं

इससे किशोरों को एक सुरक्षित और जिम्मेदार डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।


साइबर खतरों पर हुई विस्तृत चर्चा

परामर्श बैठक के दौरान प्रतिभागियों ने किशोरों के सामने आने वाली विभिन्न डिजिटल चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की।

इनमें प्रमुख रूप से निम्न समस्याएं शामिल हैं:

  • साइबर बुलिंग

  • ऑनलाइन ग्रूमिंग

  • फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल

  • साइबर धोखाधड़ी

  • असुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार

विशेषज्ञों ने इन समस्याओं से बचाव के लिए व्यावहारिक और प्रभावी सुझाव भी प्रस्तुत किए, ताकि बच्चों और किशोरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म का सुरक्षित उपयोग करने के लिए जागरूक किया जा सके।


विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने लिया भाग

इस परामर्श बैठक में विभिन्न विभागों और संस्थानों से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे:

  • नरेश चंदेल

  • अमित कुमार

  • राजेश जसवाल

  • अरविंद सिंह

  • विक्रम श्रीवास्तव

  • डॉ. ज्योति गौतम

  • प्रकाश बंसल

इसके अलावा साइबर सेल, शिक्षण संस्थानों, अभिभावकों और विद्यार्थियों के प्रतिनिधियों सहित कई अन्य प्रतिभागियों ने भी चर्चा में भाग लिया।