सीपीआई(एम) का जथा मार्च अभियान नाहन से शुरू

rakesh nandan

09/03/2026

नाहन से शुरू हुआ सीपीआई(एम) का जथा मार्च अभियान

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) हिमाचल प्रदेश की राज्य कमेटी द्वारा जनता के ज्वलंत मुद्दों को लेकर चलाया जा रहा जथा मार्च अभियान 9 मार्च से शुरू हो गया। इस अभियान की शुरुआत जिला सिरमौर के मुख्यालय नाहन से की गई। राज्य कमेटी का यह जथा नाहन से निकलकर विभिन्न क्षेत्रों में लोगों के बीच पहुंचा और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की। पार्टी नेताओं ने कहा कि यह जथा प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी जाएगा और जनता से सीधे संवाद कर उन्हें विभिन्न जन मुद्दों के बारे में जागरूक करेगा।


डॉ. परमार की जन्मभूमि से अभियान की शुरुआत

नेताओं ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार ने प्रदेश के निर्माण और उसके अधिकारों की रक्षा के लिए जो सपना देखा था, उसी भावना को आगे बढ़ाते हुए इस अभियान की शुरुआत उनके गृह जिला सिरमौर से की गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में केंद्र सरकार द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (RDG) को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है, जो हिमाचल प्रदेश जैसे विशेष राज्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। पार्टी नेताओं का कहना था कि RDG हिमाचल प्रदेश के विकास और वित्तीय संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है और इसे समाप्त करना प्रदेश के अधिकारों पर सीधा हमला होगा।


गांव-गांव तक पहुंचेंगे जथे

सीपीआई(एम) नेताओं ने बताया कि इस अभियान के तहत जिला सिरमौर के विभिन्न क्षेत्रों में भी जथा मार्च निकाले जाएंगे।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • पच्छाद

  • राजगढ़

  • पांवटा साहिब

  • शिलाई

इन क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर जथे बनाए जाएंगे जो गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क करेंगे। कार्यकर्ता लोगों के बीच परचा वितरण करेंगे, जनसभाएं आयोजित करेंगे और जनता को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष में शामिल होने का आह्वान करेंगे।


मजदूरों और किसानों से जुड़े मुद्दे प्रमुख

सीपीआई(एम) ने कहा कि यह जथा मार्च मजदूरों, किसानों और आम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर चलाया जा रहा है।

अभियान के प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं:

  • लेबर कोड वापस लेने की मांग

  • भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को रद्द करने की मांग

  • मनरेगा को मजबूत और बहाल करने की मांग

  • बिजली संशोधन विधेयक को वापस लेने की मांग

  • स्मार्ट मीटर लगाने की योजना को रोकने की मांग

  • किसानों को 5 बीघा जमीन देने की मांग

  • दूध के लिए घोषित समर्थन मूल्य तय करने की मांग

  • आपदा प्रभावित परिवारों को जमीन देने की मांग

  • हिमाचल प्रदेश के लिए RDG बहाल करने की मांग

नेताओं ने कहा कि इन मुद्दों को लेकर पूरे प्रदेश में व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।


नेताओं ने सभा को किया संबोधित

इस अवसर पर सीपीआई(एम) के कई नेताओं ने सभा को संबोधित किया।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:

  • राकेश सिंघा

  • संजय चौहान

नेताओं ने कहा कि आज डॉ. परमार की जन्मभूमि से यह ऐलान किया जा रहा है कि हिमाचल प्रदेश के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिशों का डटकर विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार की नीतियां मजदूरों, किसानों और आम जनता के हितों के खिलाफ हैं और इन नीतियों के खिलाफ व्यापक जनसंघर्ष चलाया जाएगा।


बड़ी रैली की तैयारी का हिस्सा अभियान

सीपीआई(एम) नेताओं ने कहा कि यह जथा मार्च केवल जनजागरण अभियान ही नहीं बल्कि आगामी बड़े आंदोलन की तैयारी का भी हिस्सा है। उन्होंने बताया कि 24 मार्च को दिल्ली में जन आक्रोश रैली आयोजित की जाएगी। इस रैली में हिमाचल प्रदेश से हजारों लोग भाग लेंगे। नेताओं ने कहा कि जिला सिरमौर से भी सैकड़ों कार्यकर्ता दिल्ली के लिए रवाना होंगे और मजदूर-किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे।


बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद

इस अवसर पर सीपीआई(एम) के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:

  • जिला सचिव राजेंद्र ठाकुर

  • जिला सचिवालय सदस्य आशीष कुमार

  • लोकल कमेटी सदस्य धनीराम शर्मा

  • सतपाल मान

  • विश्वनाथ शर्मा

इसके अलावा पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता इस जथा मार्च में शामिल हुए।

नेताओं ने कहा कि आने वाले दिनों में यह अभियान प्रदेश के अन्य जिलों में भी चलाया जाएगा, जिससे जनता के मुद्दों को व्यापक स्तर पर उठाया जा सके।