भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी की बैठक पार्टी कार्यालय शिमला में डॉ. ओंकार शाद की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में पार्टी केंद्रीय सचिवालय सदस्य विक्रम सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय और दलित मुद्दों पर पार्टी की समझदारी रखी, जबकि राज्य सचिव संजय चौहान ने प्रदेश की राजनीतिक परिस्थिति पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में कॉमरेड राकेश सिंघा, डॉ. कश्मीर सिंह ठाकुर, कुशाल भारद्वाज, डॉ. कुलदीप सिंह तंवर, प्रेम गौतम, विजेंद्र मेहरा और भूपेंद्र सिंह सहित अन्य राज्य कमेटी सदस्य उपस्थित रहे।
24 मार्च को दिल्ली रैली
राज्य सचिव संजय चौहान ने बताया कि केंद्र सरकार की मजदूर, किसान और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ 24 मार्च को दिल्ली में आयोजित रैली में हिमाचल प्रदेश से एक हजार से अधिक लोग भाग लेंगे।
9 से 19 मार्च तक प्रदेशव्यापी जत्था
दिल्ली रैली की तैयारी के तहत राज्य कमेटी ने 9 मार्च से 19 मार्च तक प्रदेश के सभी जिलों में जनजागरण जत्था और नुक्कड़ नाटक आयोजित करने का निर्णय लिया है। जत्था की शुरुआत 9 मार्च को पांवटा साहिब से होगी और 19 मार्च को शिमला में समापन होगा।
इस दौरान पांवटा साहिब, रोहड़ू, रामपुर, टापरी, आनी, कुल्लू, बालीचौकी, जोगिंद्रनगर, सरकाघाट, कांगड़ा, खुंडियां, धर्मशाला, चंबा, सुजानपुर, ऊना, बिलासपुर, दाड़लाघाट, सोलन और शिमला सहित विभिन्न स्थानों पर जनसभाएं आयोजित की जाएंगी।
प्रमुख मुद्दे
पार्टी ने न्यूजीलैंड और यूरोपियन यूनियन के साथ मुक्त व्यापार समझौतों, अमेरिका की ट्रेड डील व टैरिफ, चार लेबर कोड, बिजली विधेयक 2025, बीज विधेयक, मनरेगा समाप्त करने की आशंका, स्मार्ट मीटर, राजस्व घाटा ग्रांट बंद करने जैसे मुद्दों को जनविरोधी बताया।
पार्टी नेताओं ने कहा कि इन नीतियों से किसान, बागवान, मजदूर, कर्मचारी और पेंशनर प्रभावित होंगे। विशेष रूप से सेब, नाशपाती, कीवी उत्पादकों तथा लगभग 28 लाख मनरेगा पंजीकृत श्रमिकों पर असर पड़ने की आशंका जताई गई।
पार्टी ने इन सभी मुद्दों पर जनता को लामबंद कर प्रदेशव्यापी जनजागरण अभियान चलाने का संकल्प लिया।