कामगार बोर्ड बजट 211.47 करोड़, श्रमिकों को लाभ

rakesh nandan

12/04/2026

भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगारों के कल्याण के लिए सरकार लगातार सक्रिय कदम उठा रही है। इसी दिशा में हाल ही में कामगार कल्याण बोर्ड ने नए वित्त वर्ष के लिए 211.47 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति प्रदान की है। इस बजट का मुख्य उद्देश्य राज्य के पात्र श्रमिकों तक विभिन्न योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाना है, ताकि उनका जीवन स्तर बेहतर बनाया जा सके।

भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने जानकारी देते हुए बताया कि यह निर्णय मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार लिया गया है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि श्रमिकों को योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के सीधे उनके खातों तक पहुंचे।

इस स्वीकृत बजट में से लगभग 105 करोड़ रुपये विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं के अंतर्गत खर्च किए जाएंगे। इन योजनाओं में स्वास्थ्य सहायता, शिक्षा सहायता, विवाह सहायता, मातृत्व लाभ और पेंशन जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इससे लाखों पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

सरकार का यह कदम श्रमिक वर्ग के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि निर्माण कार्यों में लगे श्रमिक अक्सर असंगठित क्षेत्र से जुड़े होते हैं और उन्हें सामाजिक सुरक्षा की कमी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यह बजट उनके लिए आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक मजबूत पहल है।

बोर्ड द्वारा संचालित योजनाओं का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। अब श्रमिकों को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उदाहरण के तौर पर, गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक मदद, बच्चों की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति और महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं शामिल हैं।

इसके अलावा, सरकार डिजिटल माध्यमों के जरिए भी योजनाओं को अधिक पारदर्शी बनाने का प्रयास कर रही है। ऑनलाइन पंजीकरण और सीधे बैंक खाते में लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से भ्रष्टाचार को कम करने और प्रक्रिया को तेज बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

हालांकि, कई बार यह देखा गया है कि जागरूकता की कमी के कारण पात्र श्रमिक इन योजनाओं का पूरा लाभ नहीं उठा पाते। इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार द्वारा जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं से जुड़ सकें और उनका लाभ उठा सकें।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस बजट का सही तरीके से क्रियान्वयन किया जाता है, तो यह श्रमिकों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि उनके परिवारों को भी बेहतर जीवन जीने का अवसर मिलेगा।

कुल मिलाकर, 211.47 करोड़ रुपये का यह बजट और उसमें से 105 करोड़ रुपये का सामाजिक योजनाओं पर खर्च यह दर्शाता है कि सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए गंभीर है। आने वाले समय में इन योजनाओं के प्रभाव से श्रमिक वर्ग को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।