भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता राजिंदर राणा ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि राज्य सरकार शहीद भारतीय सैनिकों के परिवारों और वीर नारियों के हितों की लगातार अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को न तो सैनिकों के बलिदान की कद्र है और न ही उनके परिवारों के सम्मान और कल्याण की कोई वास्तविक चिंता। राजिंदर राणा ने कहा कि प्रदेश सरकार की तथाकथित “सम्मान भुगतान” नीति पूरी तरह विफल हो चुकी है। पिछले दो वर्षों से वीर नारियों, शहीद सैनिकों के परिजनों तथा वीरता एवं विशिष्ट पुरस्कार विजेताओं को मिलने वाली देय राशि और पेंशन में लगातार देरी हो रही है। यह स्थिति अत्यंत दुखद और सैनिकों के प्रति असंवेदनशीलता का प्रमाण है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस वर्ष तो हालात और भी गंभीर हैं। अब तक एक भी रुपया जारी नहीं किया गया, जबकि जिला सैनिक बोर्ड और डीएसएसएबी द्वारा बार-बार प्रयास किए गए। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने देश के लिए अपने लालों का बलिदान दिया, उन्हें अपने अधिकारों के लिए सरकार के सामने बार-बार गुहार लगानी पड़ रही है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि सैनिकों के बलिदान के प्रति सम्मान की कमी को दर्शाता है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि डीएसएसएबी को लंबित अनुदान तुरंत जारी किए जाएं ताकि सैनिक परिवारों को समय पर राहत मिल सके।
राजिंदर राणा ने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस सरकार ने शीघ्र इस गंभीर विषय पर संवेदनशीलता नहीं दिखाई, तो भारतीय जनता पार्टी सैनिकों के सम्मान और उनके परिवारों के अधिकारों के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।