छात्र संसद में छात्रों से संवाद, हिमाचल को बताया ‘हैप्पीएस्ट स्टेट’

rakesh nandan

09/01/2026

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज प्रदेश सचिवालय में छात्र संसद कार्यक्रम के अंतर्गत शिमला आए छात्रों से संवाद किया। इस अवसर पर देश के प्रतिष्ठित आईआईटी, आईआईएम, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय सहित विभिन्न नामी शैक्षणिक संस्थानों के छात्र उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने छात्रों को हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोकतांत्रिक परंपराओं और मानवीय मूल्यों से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि विकासात्मक मानकों और सामाजिक संतुलन के आधार पर हिमाचल प्रदेश देश का ‘हैप्पीएस्ट स्टेट’ है।

छात्रों के प्रश्नों के उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सफलता के लिए समर्पण, नैतिकता, पारदर्शिता और नेतृत्व गुणों का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लोकतंत्र की जड़ें प्राचीन काल से मजबूत रही हैं और यहां की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की पहचान देश-विदेश तक है।

मुख्यमंत्री ने गुड गवर्नमेंट के लिए गुड गवर्नेंस की आवश्यकता पर बल देते हुए प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए गए सुधारों और नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार हरित हिमाचल के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है तथा वर्ष 2027 तक राज्य को आत्मनिर्भर और वर्ष 2032 तक देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने का संकल्प है।

पर्यावरण संरक्षण पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीज़ल आधारित वाहनों को चरणबद्ध रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदला जा रहा है। सामाजिक सुरक्षा के संदर्भ में उन्होंने मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना, मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना, राजीव गांधी राजकीय आदर्श डे-बोर्डिंग स्कूल और डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना जैसी पहलों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी दस वर्षों में हिमाचल प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिलेगा। विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप गुणात्मक शिक्षा देने के लिए अभिनव प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार वीआईपी कल्चर समाप्त करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है और विभिन्न स्तरों पर युक्तिकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश में महिलाएं और बेटियां हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं।

छात्रों ने मुख्यमंत्री से शिक्षा, प्रशासन, पर्यावरण और नेतृत्व से जुड़े विषयों पर प्रश्न पूछे।
छात्र संसद कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को संसद, विधानसभा और प्रशासन की कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष अनुभव देकर उन्हें देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए तैयार करना है।

इस अवसर पर विधायक सुरेश कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (नवीनीकरण, डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस) गोकुल बुटेल, छात्र संसद अध्यक्ष आदित्य बेगड़ा, पदाधिकारी शशांक शेखर पांडेय, मानस तिवारी तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।