मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज पंचायती राज विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के उन पात्र गरीब परिवारों को पक्के मकानों की सुविधा उपलब्ध करवाएगी, जो अभी भी कच्चे मकानों में रह रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षित आवास केवल एक बुनियादी आवश्यकता नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामाजिक अधिकार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज विभाग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा। पंचायत स्तर पर कनिष्ठ अभियंताओं के पद भी शीघ्र भरे जाएंगे, ताकि विकास कार्यों में गुणवत्ता और गति सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार सामाजिक अधिकारिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। वंचित, उपेक्षित और कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर रही है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल मकान निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि गरीब परिवारों को सम्मानजनक जीवन स्तर उपलब्ध करवाना है। इसके तहत स्वच्छता, पेयजल, बुनियादी सुविधाएं और आजीविका के अवसरों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि सरकार की प्राथमिकता जनहित है और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना ही व्यवस्था परिवर्तन की मूल भावना है।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (नवीनीकरण, डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस) गोकुल बुटेल, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, सचिव पंचायती राज सी. पालरासु, निदेशक पंचायती राज राघव शर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।