मुख्यमंत्री सुक्खू ने ‘बाज़ार’ उपन्यास के दूसरे संस्करण का विमोचन

rakesh nandan

24/05/2026

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को शिमला में लेखक निरंजन देव शर्मा द्वारा लिखित उपन्यास ‘बाज़ार’ के द्वितीय संस्करण का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुस्तक की सराहना करते हुए इसे समकालीन समाज और इतिहास को प्रतिबिंबित करने वाली महत्वपूर्ण साहित्यिक कृति बताया।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और ऐसी रचनाएं आने वाली पीढ़ियों को इतिहास, सामाजिक परिस्थितियों और राजनीतिक परिवर्तनों को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि ‘बाज़ार’ उपन्यास में वर्ष 1971 से 1992 तक की कई महत्वपूर्ण सामाजिक और राजनीतिक घटनाओं का प्रभावशाली वर्णन किया गया है, जो पाठकों को उस दौर की परिस्थितियों से परिचित कराता है।

उन्होंने लेखक निरंजन देव शर्मा को इस महत्वपूर्ण साहित्यिक योगदान के लिए बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार की रचनाएं समाज में जागरूकता बढ़ाने और इतिहास को जीवंत बनाए रखने का कार्य करती हैं। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह पुस्तक पाठकों के बीच लोकप्रिय होगी और नई पीढ़ी को सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तनों को समझने का अवसर प्रदान करेगी।

निरंजन देव शर्मा मूल रूप से जिला कुल्लू के निवासी हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली में शिक्षा प्राप्त की है। साहित्य और सामाजिक विषयों में उनकी गहरी रुचि रही है और उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं।

‘बाज़ार’ उपन्यास के दूसरे संस्करण के विमोचन समारोह में साहित्य और प्रकाशन जगत से जुड़े कई लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, आधार प्रकाशन के निदेशक देश निर्मोही तथा लेखक की पत्नी प्रतिमा शर्मा भी मौजूद थीं।

कार्यक्रम के दौरान साहित्य, समाज और समकालीन इतिहास से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई। उपस्थित लोगों ने इस पुस्तक को समाज और राजनीति के बदलते स्वरूप को समझने के लिए महत्वपूर्ण कृति बताया।

हिमाचल प्रदेश में साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार विभिन्न स्तरों पर लेखकों और साहित्यकारों को प्रोत्साहित कर रही है। साहित्य प्रेमियों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।