सुखविंद्र सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश ने नाहन स्थित मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने के बाद डॉक्टरों के साथ विस्तृत संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से सीधे बातचीत कर अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं, चुनौतियों और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों से कहा कि वह उनकी समस्याएं और सुझाव सुनने के लिए स्वयं यहां आए हैं ताकि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सके।
चिकित्सकों के सुझावों को नीति में किया जाएगा शामिल
मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पहले भी वह राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सकों के साथ इसी तरह संवाद कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और चिकित्सा विशेषज्ञों के सुझावों को सरकार की नीतियों में शामिल किया जाएगा ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में वास्तविक सुधार किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि मरीजों को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं और उन्हें इलाज के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े।
मेडिकल कॉलेजों को मजबूत बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में कई मेडिकल कॉलेज केवल रैफरल स्वास्थ्य संस्थान बनकर रह गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि इन मेडिकल कॉलेजों को मजबूत किया जाए ताकि यहां पर ही मरीजों का बेहतर इलाज संभव हो सके। उन्होंने कहा कि इसके लिए स्वास्थ्य ढांचे को आधुनिक बनाया जा रहा है और अस्पतालों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में 3000 करोड़ रुपये निवेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधार करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में प्रदेश में हाई-एंड मेडिकल टेक्नोलॉजी को लाने के लिए लगभग 3 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे मेडिकल कॉलेजों और बड़े अस्पतालों में आधुनिक उपकरण और सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार मिल सकेगा।
डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने चिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत डॉक्टरों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि:
सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का स्टाइपेंड 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया गया है।
सीनियर रेजिडेंट सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों का स्टाइपेंड 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.30 लाख रुपये किया गया है।
उन्होंने कहा कि इन फैसलों का उद्देश्य चिकित्सा क्षेत्र में प्रतिभाशाली युवाओं को प्रोत्साहित करना और डॉक्टरों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
मेडिकल शिक्षा को भी किया जाएगा मजबूत
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षा को भी मजबूत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि:
मेडिकल कॉलेजों में पीजी सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
छात्रों के लिए 60-60 के सेक्शन बनाए जाएंगे।
उसी अनुपात में शिक्षकों और स्टाफ की व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इससे छात्रों को बेहतर प्रशिक्षण और शिक्षा मिल सकेगी तथा भविष्य में प्रदेश में कुशल डॉक्टरों की संख्या भी बढ़ेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हों ताकि लोगों को बेहतर उपचार के लिए बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि डॉक्टरों के साथ संवाद से प्राप्त सुझावों के आधार पर स्वास्थ्य क्षेत्र में नई नीतियां और सुधार लागू किए जाएंगे।
कार्यक्रम में कई गणमान्य उपस्थित
इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी उपस्थित रहे।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:
धनी राम शांडिल
हर्षवर्धन चौहान
विनय कुमार
अजय सोलंकी
गंगू राम मुसाफिर
किरनेश जंग
इसके अलावा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी, उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा, पुलिस अधीक्षक निश्चिंत नेगी तथा अन्य अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।