प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने के लिए शिक्षा नीति में बड़े बदलाव करने जा रही है। यह बात मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने रविवार को नादौन विधानसभा क्षेत्र के एक दिवसीय दौरे के दौरान कही।
मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत अमलैहड़ में स्थित अपने पैतृक गांव भवड़ां में लगभग 60 लाख रुपये की लागत से निर्मित गुग्गा धाम एवं पार्क का उद्घाटन करने के बाद जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सीबीएसई के अधीन लाए जा रहे सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी और गणित के लिए स्पेशल इंस्ट्रक्टर नियुक्त किए जाएंगे, जिनकी भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अमलैहड़ स्कूल को भी सीबीएसई का दर्जा दिया गया है तथा यहां राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल का निर्माण कार्य तेज़ी से चल रहा है। अगले वर्ष से यहां कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी। अमलैहड़ सहित प्रदेश के चार चुनिंदा स्कूलों में मल्टीपल सब्जेक्ट सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार विषयों का चयन कर सकेंगे।
किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती से उत्पादित फसलों की उच्च मूल्य पर खरीद सुनिश्चित कर रही है। हल्दी को 90 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा जा रहा है, जिससे किसान पांच कनाल भूमि पर खेती कर तीन लाख रुपये तक की आय अर्जित कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि बंजर भूमि पर सोलर प्लांट लगाने के लिए भी सरकार सब्सिडी प्रदान कर रही है। चार कनाल भूमि पर सोलर प्लांट स्थापित कर युवा प्रतिवर्ष तीन लाख रुपये तक का शुद्ध लाभ कमा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नादौन विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न पेयजल योजनाओं पर लगभग 100 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए यूवी टेक्नोलॉजी और ओजोनेशन प्रक्रिया से जल शुद्धिकरण किया जा रहा है।
इस अवसर पर पंचायत प्रधान सोनिया ठाकुर ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत गौना के गांव पखरोल में 25 लाख रुपये की लागत से निर्मित श्री वैकुंठ धाम एवं पार्क तथा नादौन शहर के इंद्रपाल चौक पर स्वतंत्रता सेनानी इंद्रपाल की प्रतिमा एवं स्मारक का उद्घाटन भी किया।
