ऊना जिले में मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना ने बदले सैकड़ों बच्चों के जीवन, 3.63 करोड़ रुपये की सहायता से मिला सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य

rakesh nandan

22/11/2025

ऊना जिले में मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना सैकड़ों अभिभावक-विहीन, असहाय और कमजोर वर्ग के बच्चों के जीवन में नई उम्मीद लेकर आई है। बीते दो वर्षों में प्रशासन द्वारा इस योजना के तहत 3 करोड़ 63 लाख रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई है, जिससे बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा, स्वावलंबन और सामाजिक संरक्षण का मजबूत आधार मिला है।

सामाजिक सुरक्षा और शिक्षा के क्षेत्र में ठोस सुधार

जिला कार्यक्रम अधिकारी (ICDS) नरेंद्र कुमार ने बताया कि योजना के सामाजिक सुरक्षा घटक में 294 बच्चों को 2 करोड़ 27 लाख 56 हजार 628 रुपये दिए गए। उच्च शिक्षा के लिए 60 छात्रों को 26 लाख 44 हजार 814 रुपये, जबकि व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए 35 युवाओं को 7 लाख 99 हजार 471 रुपये की सहायता प्रदान की गई।

कोचिंग सहायता के तहत 2 विद्यार्थियों को 1 लाख 48 हजार रुपये, स्किल डेवलपमेंट के लिए 1 युवक को 98 हजार रुपये, और माइक्रो एंटरप्राइज शुरू करने हेतु 9 युवाओं को 13 लाख 20 हजार रुपये की मदद दी गई।

नरेंद्र कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की सोच बच्चों को केवल सुरक्षा देना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है ताकि वे भविष्य की हर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार रहें।

सामाजिक सहायता ने दी मजबूती

विवाह अनुदान के तहत 25 लाभार्थियों को 50 लाख रुपये और आवास निर्माण के लिए 23 परिवारों को 34 लाख रुपये जारी किए गए।
इसके अलावा वस्त्र भत्ता, त्योहार भत्ता और आफ्टर-केयर सेवाओं में 28 लाभार्थियों को 1 लाख 84 हजार 988 रुपये की सहायता दी गई।

सुक्खू सरकार निभा रही ‘अभिभावक’ की भूमिका

मुख्यमंत्री सुक्खू लगातार कहते रहे हैं कि अनाथ बच्चों के लिए राज्य सरकार ही माता-पिता है
योजना के तहत सभी बच्चों को —

  • 4000 रुपये मासिक पॉकेट मनी

  • कपड़ों का भत्ता व त्योहार भत्ता

  • नामी शिक्षण संस्थानों में प्रवेश

  • 3 बिस्वा भूमि + 3 लाख रुपये आवास निर्माण सहायता
    प्रदान की जा रही है।

हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने अनाथ बच्चों को Children of the State का दर्जा दिया है और उनकी 27 वर्ष की आयु तक संपूर्ण जिम्मेदारी उठाता है।

योजना का दायरा हुआ और विस्तृत

हाल ही में योजना में ट्रांसजेंडर समुदाय, परित्यक्त/सरेंडर किए गए बच्चे, और एकल नारियां भी शामिल की गई हैं।
एकल नारियों के लिए 2500 रुपये मासिक सामाजिक सुरक्षा राशि का प्रावधान किया गया है।

प्रशासन की पूरी प्रतिबद्धता

उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कहा कि जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि कोई भी पात्र बच्चा योजना से वंचित न रहे। पारदर्शिता और त्वरित सहायता सुनिश्चित करने के लिए सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य कर रहे हैं।